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जाटों की मांगों को लेकर पहले ही सरकार की नीयत ठीक नहीं थी : हुड्डा

Sat, 18 Mar 2017 01:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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भूपेंद्र सिंह हुड्डा और मनोहर लाल खट्टर - फोटो : फाइल फोटो
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हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि जाटों की मांगों को लेकर सरकार की पहले से ही नीयत ठीक नहीं थी और सरकार इसका समाधान नहीं करना चाहती। उन्होंने कहा कि कोई भी मामला बातचीत के माध्यम से हल किया जा सकता है। कांग्रेस शासनकाल के दौरान कई बड़े आंदोलन हुए, लेकिन सरकार ने अपनी सूझबूझ से एक भी आंदोलन को हिंसक नहीं होने दिया। पिछले साल फरवरी माह में जो आंदोलन हिंसक हुआ है, सीधे सीधे खट्टर सरकार उसकी जिम्मेदार है। हुड्डा ने कहा कि आज प्रदेश की जनता ही नहीं बल्कि भाजपा के विधायकों का भी सरकार से मोह भंग हो चुका है। एसवाईएल को लेकर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला हर हाल में मानना होगा और इसके लिए वे केंद्र सरकार पर भी दबाव बनाएंगे और अगर जरूरत पड़ी तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की जाएगी।
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शुक्रवार को पूर्व सीएम हुड्डा गांव गढ़ी सांपला में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। कार्यक्रम में इनेलो के वरिष्ठ नेता दलबीर सिंह ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मौजूदगी में कांग्रेस में आस्था जताई। हुड्डा ने कांग्रेस नेत्री भगवानी देवी के बेटे व पुत्रवधू को शादी के बाद आशीर्वाद भी दिया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार को प्रदेश में करीब ढाई साल हो चुके हैं, लेकिन कोई भी बड़ा विकास कार्य नहीं करवाया गया। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्द्र के शपथ ग्रहण समारोह में शिरक्त करने को लेकर हुड्डा ने कहा कि सुख दुख में शामिल होना हमारी संस्कृति है। दरअसल एसवाईएल मामले को लेकर विधानसभा चुनाव के दौरान हुड्डा ने कैप्टन अमरिन्द्र के पक्ष में प्रचार करने से मना कर दिया था।

गोवा व मणिपुर में भाजपा द्वारा सरकार बनाने के सवाल पर हुड्डा ने कहा कि भाजपा ने जोड़तोड़ की सरकार बनाई है और जनता भाजपा को इसका जवाब देगी। दिल्ली के हरियाणा भवन में मुख्यमंत्री के साथ होने वाली जाटों की बैठक ऐन वक्त पर रद्द होने को लेकर हुड्डा ने कहा कि पहले ही सरकार की नीयत ठीक नहीं थी। पिछले साल फरवरी माह में जो आंदोलन हिंसक हुआ है, उसकी जिम्मेदार खट्टर सरकार है। इस अवसर पर कृष्णमूर्ति हुड्डा, पूर्व विधायक संतकुमार, वरिष्ठ नेता जोगेंद्र कोच, दलबीर सिंह, पूर्व चेयरमैन रूपसिंह ओहल्याण, संजय तोमर, मनोज सांपला, जोगेंद्र पहलवान, अनिल मोरखेड़ी, पूर्व सरपंच तनवीर सिंह आदि मौजूद थे।
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