गांव सिसरौली के नेशनल पहलवान एवं हरियाणा केसरी अमित की गिरफ्तारी के विरोध में ग्रामीण
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गांव सिसरौली के नेशनल पहलवान एवं हरियाणा केसरी अमित की गिरफ्तारी के विरोध में सैकड़ों ग्रामीण बुधवार को एसपी ऑफिस पहुंच गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना सबूत नेशनल खिलाड़ी को गिरफ्तार किया है। यदि उसे नहीं छोड़ा गया तो आंदोलन किया जाएगा। मामले में पुलिस का कहना है कि उसके पास अमित के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। एसपी ने मामले की जल्द जांच करने के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। एसपी के आश्वासन के बाद ग्रामीण लौट गए। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी में आगजनी मामले में अमित को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, किलोई के ग्रामीण भी गिरफ्तारियों के विरोध में एसपी से मिलने पहुंचे। इनमें अधिकतर महिलाएं शामिल रही।
बता दें कि किलोई गांव से आरक्षण हिंसा के मामले में छह सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
एसपी ऑफिस पहुंचे सिसरौली निवासी सुमित ने बताया कि उनका भाई अमित पहलवान गांधी कैंप में अपना अखाड़ा चलाता है। सुमित का दावा है कि अमित देश की कई बड़ी प्रतियोगिताओं में जीत हासिल करके प्रदेश का नाम रोशन कर चुका है। सुमित ने बताया कि उसका भाई तीन बार हरियाणा केसरी और दो बार हरियाणा कुमार रह चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब एक सप्ताह पहले वित्तमंत्री की कोठी में आगजनी मामले की जांच कर रही एसआइटी अमित के अखाड़े में पहुंची और पूछताछ के लिए अमित को साथ ले गई। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में पुलिस ने परिवार के किसी सदस्य को सूचित तक नहीं किया। इसके बाद अमित को कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया। ग्रामीणों ने बताया कि जिस दिन 19 फरवरी को वित्तमंत्री की कोठी में आगजनी हुई उस दिन अमित फतेहाबाद में एक कुश्ती प्रतियोगिता में शामिल होने गया था। इस संबंध में पुलिस उसकी लोकेशन निकलवा सकती है। एसपी ने मामले की दोबारा जांच कराने का आश्वासन दिया है।