अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर जसिया में चल रहा धरना 53वें दिन भी जारी रहा। बुधवार से धरने को सांकेतिक धरने के रूप में बदल दिया गया।
बता दें कि दिल्ली में हुई वार्ता के बाद धीरे-धीरे धरने खत्म किए जा रहे हैं। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने जसिया समेत कई जिलों के धरनों को खत्म करने से इनकार कर दिया। इन स्थानों पर सांकेतिक तौर पर धरने चलते रहेंगे। इसी क्रम में जसिया धरने को सांकेतिक कर दिया गया है। कमेटी के लोग धरनास्थल पर मौजूद रहे। वहीं, सांकेतिक धरने के बाद भी आसपास के गांवों से जाट समाज के लोग धरने पर पहुंचे। मंच से आह्वान किया गया कि फिलहाल खेती-बाड़ी का काम पूरा कर लें। यदि सरकार ने वादा पूरा नहीं किया तो एक कॉल पर सभी लोग दिल्ली कूच करने के लिए तैयार रहेंगे।
सरकार को चेताया
उधर, सेक्टर-6 में जाट जागृति सेना का धरना बुधवार को जारी रहा। जाट जागृति सेना के संयोजक राहुल दादू ने कहा कि सरकार की अनदेखी से उनका धैर्य खत्म हो रहा है। यदि सरकार इसी तरह का व्यवहार करती रही तो जाट समाज बड़ा निर्णय लेने पर मजबूर होगा। धरनास्थल पर अनशनकारी मोनू और विकेश की हालत स्थिति बनी हुई है।