हिंदू नववर्ष के साथ ही नवरात्र की शुरुआत 28 मार्च यानी मंगलवार से हो रही है। नवरात्र के लिए मंदिरों और घरों में भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ज्योतिषाचार्य एवं वास्तु विशेषज्ञ संदीप पाठक के अनुसार चैत्र शुक्ल पक्ष के नवरात्रों के साथ ही हिंदू नव संवत्सर शुरू होता है। कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 28 मार्च को मंगलवार के दिन सुबह 8 बजकर 26 मिनट से लेकर 10 बजकर 24 मिनट तक है। वैसे तो नवरात्र का शुभ समय पूरे दिन रहेगा, लेकिन शुभ मुहूर्त पर ही कलश स्थापना होगी तो जातक को फल अच्छा मिलेगा। नवरात्र 5 अप्रैल तक रहेंगे।
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि कुमारी पूजन में 10 वर्ष तक की कन्याओं का विधान है। इस पावन अवसर पर अष्टमी और नवमी के दिन कुमारी कन्याओं का पूजन किया जाता है। इस बार आठ दिनों तक चलने नवरात्र पर्व में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा का विधान है। उन्होंने बताया कि चार अप्रैल को अष्टमी और पांच अप्रैल को राम नवमी होगी। उन्होंने बताया कि 28 मार्च को जहां सुबह आठ बजकर 26 मिनट पर अमावस्या खत्म होगी वहीं सुबह 08 बजकर 27 मिनट से प्रतिपदा लग जाएगी और नवरात्र का शुभारंभ हो जाएगा।
28 मार्च : मां शैलपुत्री की पूजा
29 मार्च : मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
30 मार्च : मां चन्द्रघंटा की पूजा
31 मार्च : मां कुष्मांडा की पूजा
01 अप्रैल : मां स्कंदमाता की पूजा
02 अप्रैल : मां कात्यायनी की पूजा
03 अप्रैल : मां कालरात्रि की पूजा
04 अप्रैल : मां महागौरी की पूजा
05 अप्रैल : मां सिद्धदात्री की पूजा