कोर्ट ने दो नाबालिग लड़कियों के अपहरण के मामले में एक व्यक्ति को दोषी मानते हुए दस साल कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर दोषी को अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सोनिका गोयल की अदालत में चले अभियोग के अनुसार 21 अक्तूबर 2015 को खेड़ी सांपला निवासी बुजुर्ग ने पुलिस को शिकायत दी थी। इसमें उन्होंने बताया कि था कि 12 अक्तूबर की रात को उनकी बेटी और दोहती एक कमरे में सो रही थीं। सुबह देखा तो दोनों कमरे में नहीं थी। इसके बाद दोनों के बारे में आसपास के लोगों से पूछताछ की। बाद में सांपला पुलिस ने केस दर्ज कर लड़कियों की तलाश की थी। पुलिस ने पड़ताल के बाद उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर स्थित गांव मुंडाखोड़ा निवासी सूरज उर्फ रामपाल को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया था। आरोपी के पास से दोनों लड़कियों को बरामद किया था। अदालत ने पूरे मुकदमे की सुनवाई के बाद सूरज को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
पत्नी की मौत के मामले में पति दोषी
दूसरी तरफ अदालत ने पत्नी की मौत के मामले में पति अमित को दोषी करार दिया है। जबकि सास, ससुर और देवर को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। मामले में अदालत जल्द सजा सुनाएगी। अदालत ने फैसला अभी सुरक्षित रखा है।