भिवानी की छात्रा से गैंगरेप मामले में रविवार को फिर नया मोड़ आ गया। कई संगठनों के पदाधिकारियों के साथ छात्रा की मां मीडिया के सामने आई और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाये। पीड़िता की मां ने कहा कि पुलिस जिस मोबाइल के आधार पर जांच कर रही है वह मेरी बेटी का नहीं है। मेरी बेटी का मोबाइल अब भी हमारे पास है, जिसे पुलिस ने नहीं लिया है। इसके बाद से सवाल उठने लगा है कि फिर किस मोबाइल के आधार पर पुलिस ने मामले में दो नये आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा है?
इस मौके पर मौजूद कई संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि पीड़ित छात्रा को न्याय नहीं मिला तो अगले रविवार को विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। एक होटल में रविवार को आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में गैंगरेप पीड़ित छात्रा की मां ने कहा कि पुलिस किसी दूसरे मोबाइल फोन की छानबीन कर रही है। उसी मोबाइल के आधार पर मामले में दो नये नाम सामने लाये गये हैं। मां ने कहा कि इस घटना के बाद से मेरी बेटी बेहद तनाव से गुजर रही है। यदि कोई अनहोनी होती है तो पुलिस प्रशासन जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि अगर मेरी बेटी दोषी साबित होती है तो खुले में जनता के बीच उसे फांसी दे दी जाए। हम किसी निर्दोष को सजा दिलाने के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई को आखिरी दम तक लड़ाई लड़ी जाएगी।
डॉ. अंबेडकर मिशनरीज विद्यार्थी एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम डूमोलिया ने कहा कि फरार चल रहे आरोपियों का पुलिस ने अभी तक कोई स्कैच नहीं बनवाया। पुलिस दबाव में आकर केस को दूसरी तरफ घुमा रही है। हजरस के मुख्य सलाहकार व फेडरेशन के डिप्टी चेयरमैन डॉ. दिनेश निंबडिया ने कहा कि पुलिस असली आरोपियों की छानबीन करने के बजाय पीड़ित छात्रा की ही छानबीन करती नजर आ रही है। एएमटीए के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. भूप सिंह ने कहा कि पीड़ित छात्रा एससी समाज की है। इसलिए उसको बदनाम करने वालों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाय। चमार गौरव सेना के प्रदेश अध्यक्ष पूर्ण सिंह चाहलिया ने कहा कि पीड़ित छात्रा के साथ पूरा समाज खड़ा है। सामाजिक संगठनों ने एकजुट होकर कहा कि यदि पीड़िता को न्याय नहीं मिलता है तो अगले रविवार को शहर में बड़े स्तर पर विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर एससी-एसटी कर्मचारी कल्याण संघ के अध्यक्ष अशोक कांगड़ा, एलआईसी वेलफेयर एसोसिएशन के जगबीर कटारिया, आरके रंगा, मंगल सिंह, बसपा रोहतक व रेवाड़ी प्रभारी डॉ. महेश शर्मा, डॉ. रोहताश, खजान सिंह बड़बड़, लक्ष्मण सिंह भौरिया, हवा सिंह और अजय कटारिया आदि मौजूद रहे।
यह संगठन रहे मौजूद
ऑल हरियाणा एससी एंपलाइज फेडरेशन, डॉ. अंबेडकर मिशनरीज विद्यार्थी एसोसिएशन, हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ, डॉ. अंबेडकर मिशनरीज टीचर्स एसोसिएशन, चमार गौरव सेना, एससी-एसटी कर्मचारी कल्याण संघ पीजीआईएमएस, ऑल इंडिया एससी-एसटी बुद्धिस्ट एलआईसी एंपलाइज वेलफेयर एसोसिएशन, गुरु रविदास विचार मंच सहित कई संगठन शामिल हुए।
यह है मामला
भिवानी की रहने वाली छात्रा रोहतक के एक कॉलेज में पढ़ती है। वह शहर में किराये का कमरा लेकर पढ़ाई कर रही है। यहां उसकी मौसी का मकान भी है। छात्रा 13 जुलाई की सुबह घर से कॉलेज के लिए निकली, लेकिन शाम को घर नहीं पहुंची। बाद में वह बेहोशी की हालत में सुखपुरा चौक पर पावर हाउस के पास झाड़ियों में बेसुध मिली थी। पीड़िता को पुलिस ने सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। छात्रा बेहोश थी, लेकिन उसके कपड़े फटे होने और हालत देखकर रेप की आशंका जताई जा रही थी। अगले दिन छात्रा के होश में आने पर सिटी थाना व महिला थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और बयान दर्ज किए। छात्रा की मां का कहना है कि उनकी बेटी ने दुष्कर्म होने की बात बताई है। छात्रा के भाई के अनुसार तीन साल पहले भी भिवानी में पांच युवकों ने उसकी बहन के साथ गैंगरेप किया था। आरोपियों ने कई बार मुकदमे में समझौते का दबाव बनाया और 50 लाख रुपये की पेशकश की थी। समझौते से इनकार करने पर छात्रा का पहले जैसा हाल करने की धमकी दी थी। मामले में पांच युवकों के खिलाफ गैंगरेप सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया था। इसके बाद मामला चर्चा में आ गया। कई संगठनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रदर्शन किया। मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई और पांच में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कुछ दिन बाद एसआईटी ने दो नये आरोपियों को गिरफ्तार किया। दावा किया गया कि यह दोनों युवक भी मामले में शामिल रहे हैं। अब तीन पुराने और दो नये आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।