अंबेडकर चौक से इकट्ठा होकर लघु सचिवालय में अधिकारियों से मिले
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भिवानी की छात्रा से कथित दुष्कर्म के मामले में हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले दिनों जेल भेजे गए तीन आरोपियों के पक्ष में बृहस्पतिवार को शहर में प्रदर्शन किया गया। परिजनों और प्रदर्शनकारियों ने डीसी और एसपी से मिलकर न्याय की मांग की। पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि केस की स्थिति स्पष्ट होने के बाद भी पुलिस ने युवकों को जेल भेज दिया।
बता दें, कि कुछ दिन पहले भिवानी की छात्रा ने महिला थाने में जगमोहन, संदीप, आकाश, अमित और मौसम के खिलाफ केस दर्ज कराया था। पुलिस जगमोहन, संदीप और अमित को जेल भेज चुकी है। जबकि पुलिस तहकीकात में सामने आया कि मामले में छात्रा के मोबाइल की लोकेशन के आधार पर सामने आया कि दो अन्य युवक संदीप हुड्डा और प्रमोद छात्रा के साथ थ। पहले पकड़े गए तीनों युवकों के परिजन तभी से दावा कर रहे हैं कि वे निर्दोष हैं और गलत फंसाया जा रहा है। उन्होंने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और फोन कॉल डिटेल आदि के प्रमाण भी दिए थे। कहा गया था कि आईसी कॉलेज की छात्रा जिस दिन की घटना बता रही है, उस दिन पहले पकड़े गए युवक रोहतक में थे ही नहीं। आरोप है कि इसके बाद भी पुलिस ने तीनों युवकों को जेल भेज दिया। इसके विरोध में बृहस्पतिवार को परिजनों के साथ काफी संख्या में लोग अंबेडकर चौक पर इकट्ठा हुए। वहां से लघु सचिवालय में जाकर डीसी और एसपी से मिले। भीड़ ने सवाल उठाते हुए कहा कि रोहतक पुलिस की कार्यशैली संदिग्ध है। इसी कारण युवकों को जेल भेज दिया गया। अधिकारियों ने निष्पक्ष मामले की जांच का आश्वासन दिया है।