बैंकिंग क्राइम लगातार अपना दायरा बढ़ा रहा है। कभी फौजी तो कभी व्यापारी के बैंक खातों से लाखों की रकम मिनटों में दूसरे खाते में चली जाती है। बैंक अधिकारी तो जांच के पहले ही हाथ खड़े कर देते हैं और पुलिस केस दर्ज कर इतिश्री कर लेती है।
इधर, शातिरों ने वारदात का तरीका भी बदल लिया है। अब वे बिना बैंक डिटेल लिए ही खाते से रुपये उड़ा रहे हैं। पिछले दो दिनों में ऐसे ही मामले सामने आए हैं। शातिरों ने रिटायर्ड थानेदार और एक महिला के खाते से रुपये उड़ा लिए।
हैरत की बात है कि आरोपियों ने दिल्ली के एक एटीएम से एक ही समय में रिटायर्ड एसआई और महिला के खाते से ठगी की। इस संबंध में महिला और रिटायर्ड एसआई की शिकायत पर सिविल लाइन थाने में केस दर्ज किया गया है। इससे पहले ठगों ने रिटायर्ड फौजी की पत्नी के खाते से रकम दूसरे खाते में भेज दी थी।
ऐसे हुई रिटायर्ड थानेदार से ठगी
गोहाना रोड वार्ड नंबर-4 निवासी रिटायर्ड एएसआई राजेंद्र सिंह के मोबाइल फोन पर 21 जनवरी की सुबह बैंक खाते से 40 हजार रुपये की निकासी का संदेश आया। उन्होंने मैसेज बॉक्स चेक किया तो दो अन्य मैसेज मिले। इससे पता चला कि अज्ञात ने तीन बार में उनके खाते से करीब 1.20 लाख रुपये की निकासी की है।
यह पैसा 19 जनवरी की रात 11 और 12 बजे के बीच निकाला गया। इसके बाद राजेंद्र सिंह ने पुलिस और बैंक को शिकायत दी। मामले में जांच अधिकारी कश्मीर सिंह का कहना है कि केस के बारे में दिल्ली पुलिस को सूचित किया गया है। संबंधित एटीएम की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महिला के खाते से आठ बार में निकाले 80 हजार
शातिरों ने प्रेम नगर निवासी दर्शना के खाते से आठ बार में 80 हजार रुपये निकाल लिए। महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरोपियों ने पहले तो 19 और 20 जनवरी को उनके खाते से 80 हजार रुपये निकाल लिए। महिला ने मोबाइल में आए मैसेज को नहीं पढ़ा था।
जब उसने 20 जनवरी को निकासी के मैसेज देखे तो वह पुलिस के पास गई। यहां सारी वारदात के बारे में जानकारी दी।
दिल्ली की विकासपुरी से हुई ठगी
दोनों वारदात को आरोपियों ने दिल्ली के विकासपुरी स्थित एटीएम से अंजाम दिया है। विकासपुरी के जिस एटीएम से रुपये निकालने की लोकेशन राजेेंद्र के पास आए मैसेज में है। उसी एटीएम से निकासी की डिटेल महिला दर्शना के मोबाइल फोन पर आई है। पुलिस ने इस संबंध में दिल्ली पुलिस को भी डिटेल भेजी है, ताकि स्थानीय स्तर पर आरोपियों के बारे में सुराग लग सके।
एक ही समय में निकले रुपये
शातिरों ने एक ही समय में रिटायर्ड एसआई और महिला के खाते से रुपये निकाले। ऐसे में आशंका है कि दोनों वारदात को एक ही गैंग ने अंजाम दिया है।
इस समय निकली महिला के खाते से रकम
19 जनवरी की रात
11:44- 10 हजार
11:45- 10 हजार
11:47- 10 हजार
11:47- 10 हजार
20 जनवरी दोपहर
12:05- 10 हजार
शाम 6:32- तीन बार 10 हजार रुपये।
पूर्व थानेदार के खाते से निकली रकम का समय
19 जनवरी की रात
11:45- 40 हजार रुपये
11: 47- 40 हजार रुपये
21 जनवरी
शाम 6:30- 40 हजार रु पये
छह माह में 120 मामले, एक भी ट्रेस नहीं
पिछले छह माह में जिले में बैंकिंग क्राइम से जुड़े करीब 120 से भी ज्यादा मामले सामने आए हैं। मगर पुलिस आज तक एक भी मामले को ट्रेस नहीं कर सकी है। केवल पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर उसे आर्थिक शाखा में भेजकर पुलिस अपना पीछा छुड़ा लेती है।
चार महीने बीते न पैसा मिला न आरोपी
करीब चार महीने पहले आईटीबीपी के जवान के खाते से शातिरों ने चेक के माध्यम से दो लाख रुपये निकाल लिए थे। इस केस में आज तक जवान को न तो रुपये वापस मिले हैं और न ही आरोपियों के बारे में कोई सुराग लगा है। जबकि पीड़ित ने निकासी की सारी डिटेल पुलिस को मुहैया कराई थी।
इसी तरह पांच महीने पहले करनाल में तैनात कमांडो की पत्नी के खाते से साइबर अपराधियों ने करीब 92 हजार की शापिंग कर ली थी।