किसान क्रेडिट कार्ड और 20 लाख रुपये का लोन दिलवाने के बहाने एक युवक ने कई गांवों के लोगों और व्यापारियों से करीब एक करोड़ रुपये ठग लिये। ठगी का शिकार व्यापारियों और ग्रामीणों को बेवकूफ बनाने के लिए आरोपी उन्हें फर्जी चैक देकर फरार हो गया। जब लोग बैंक में चैक लेकर पहुंचे यहां चैक बाउंस हो गये। करोड़ों की चपत लगने के बाद पीड़ित मंगलवार को एसपी से मिलने लघु सचिवालय पहुंचे। यहां लोगों ने एसपी को आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने और उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की।
यूं फंसाया जाल में
एसपी से मिलने पहुंचे आर्यनगर निवासी आनंद ने बताया कि फरवरी 2016 में उनकी मुलाकात डी पार्क स्थित एक कपड़े के शोरूम पर डीएलएफ में रहने वाले एक युवक से हुई थी। यह शोरूम उसी ने खोल रखा था। युवक ने उससे महाराष्ट्र के एक बैंक से 20 लाख रुपये का लोन दिलवाने की बात कही। इसके बाद आरोपी ने कुछ दिन बाद आनंद को अपने झांसे में ले लिया। इसी तरह आरोपी ने किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड दिलवाने का बहाना बनाकर अपने जाल में फंसाया। फिर उसने एक के बाद एक लोगों को अपने जाल में फंसाकर करोड़ों रुपये ठग लिये।
यूं हड़पे रुपये
आरोपी ने सभी लोगों से एक ही तरह से रुपये ठगे। उसने लोगों से कहा कि उन्हें बैंक में रजिस्ट्रेशन के लिए डेढ़ लाख रुपये देने होंगे। ताकि बैैंक को खाते की स्टेटमेंट दिखाई जा सके। इसके बाद लोन जारी कर दिया जाएगा। आरोपी ने रजिस्ट्रेशन के नाम पर लोगों से डेढ़-डेढ़ लाख रुपये ठग लिये। इतना ही नहीं लोन की रकम बढ़ाने की बात कहकर आरोपी ने कभी बहाने से तो कभी किसी बहाने से ठगी करनी शुरू कर दी। आरोपी सारे रुपये अपने खाते में ही जमा करवाता था। अपना भरोसा जमाने के लिए आरोपी कभी कभी किसी युवक को कैश में कुछ रुपये दे देता। इसी तरह से उसने लोगों से एक करोड़ रुपये हड़प लिए। आरोपी ने ऐसे लोगों को भी ठगी का शिकार बनाया जिन्होंने कई अन्य लोगों के रुपये भी इकट्ठे कर रखे थे।
ऐसे हुआ करोड़ों की ठगी के खेल का खुलासा
कई महीनों तक आरोपी लोगों को ठगता रहा। शक होने पर लोगों ने उससे रुपये मांगने शुरू कर दिए। आरोपी की करतूत का पता तब चला जब उसके दिए हुए चैक बाउंस हो गए। ठगी का शिकार हुए सभी लोगों की आपस में बात हुई तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। आरोपी ने अपना शोरूम बंद करके डीएलएफ कालोनी में ही किराये के मकान में ऑफिस बना लिया था। जब लोग उससे रुपये लेने ऑफिस पहुंचे तो वह फरार मिला।
किसी की दुकान तो किसी के पहुंचा घर
आरोपी ने ऐसे ही लोगों को अपना शिकार नहीं बनाया बल्कि वह लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए उनकी दुकान तक पहुंचता था। इतना ही नहीं लोगों के घरों तक जाकर भी उनका भरोसा जीता। एसपी से मिलने पहुंचे लोगों ने बताया कि आरोपी ने समरगोपालपुर गांव के एक निजी फर्म की उच्च अधिकारियों से जान पहचान की बात कहकर लोन जारी करवाने की भी बात कह रखी थी। उसने ग्रामीणों को किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के बहाने ठगा तो व्यापारियों का लोन जारी करवाने के बहाने।
ठगी का शिकार लोग, किससे कितने ठगे
आनंद आर्यनगर- 10 लाख रुपये
मुकेश शर्मा सुखपुरा चौक- 4 लाख
दिलबाग चिड़ी गांव- 5 लाख
आनंद चिड़ी- 5 लाख 50 हजार
प्रदीप गांव टिटौली- 4 लाख 50 हजार
नरेश टिटौली- 8 लाख
जितेन्द्र टिटौली- 6 लाख
प्रदीप भैणी चंद्रपाल- 1 लाख 50 हजार
अनिल टिटौली- 27 लाख
सुनील सिसरौली- 2 लाख 50 हजार
सतीश गद्दी खेड़ी- 10 लाख
अनिल चिड़ी- 10 लाख
प्रवीन- 4 लाख 50 हजार