मनोज को तीन गोलियां और पत्नी व बच्चे को भी एक-एक गोली लगी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने कमरे का ताला लगाया और चाबी लेकर वहां से भागने लगा। गोली की आवाज सुनकर अखाड़े में नीचे बैठे अन्य कोच और खिलाड़ी ऊपर की ओर दौड़े। आरोपी ने फिर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस दौरान कई लोगों को गोली लग गई और आरोपी वहां से भाग गया।
अखाड़े में प्रैक्टिस करने वाले पहलवान घायलों को अस्पताल ले जाने लगे लेकिन तब तक साक्षी, यूपी के मथुरा की महिला पहलवान पूजा और मोखरा निवासी कोच प्रदीप की मौत हो चुकी थी। अन्य घायलों को निजी अस्पताल में लाया गया। वहां कोच मनोज और माड़ौटी निवासी कोच सतीश दलाल की भी मौत हो गई।
पूजा ने कर दी थी सुखविंद्र की शिकायत
जाट कॉलेज के अखाड़े में कोचिंग ले रही उत्तर प्रदेश के मथुरा की पहलवान पूजा ने कोच सुखविंद्र की शिकायत कर दी थी। पूजा के परिजनों की शिकायत के बाद अखाड़े के मुख्य कोच मनोज ने सुखविंद्र को कोचिंग देने से मना कर दिया था। इस कारण सुखविंद्र ने रंजिशन इस वारदात को अंजाम दिया।
गांव बरोदा के सुखविंद्र मोर पर रोहतक में पांच लोगों की हत्या का आरोप लगने के बाद बरोदा थाना पुलिस भी अलर्ट हो गई। किसी वारदात की सूचना के बाद पुलिस टीम गांव बरोदा में पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। साथ ही सुखविंद्र के बारे में जानकारी जुटाई। पुलिस के अनुसार गांव बरोदा में स्थिति सामान्य है। बरोदा थाना प्रभारी बदन सिंह टीम के साथ गांव में पहुंचे। वहीं गांव में भी वारदात के बाद चर्चाओं का दौर गर्म हो गया है।
जिंदगी मौत से जूझ रहे कोच अमरजीत और मासूम सरताज
हालत गंभीर होने पर घायल मेहर सिंह अखाड़े के कोच अमरजीत को गुरुग्राम रेफर कर दिया गया, जबकि कोच मनोज और साक्षी के तीन साल के बेटे सरताज को पीजीआईएमएस के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। दोनों घायलों की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
खराब चाल-चलन के कारण पिता ने कर दिया था बेदखल, पत्नी ने भी छोड़ा था साथ
पुलिस प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी कोच सुखविंद्र का चाल चलन सही नहीं था। जिसके चलते उसके पिता मेहर सिंह ने उसे बेदखल किया था। पत्नी ने भी साथ छोड़ दिया था। इतना ही नहीं, आरोपी पहले मेहर सिंह अखाड़े में कोच था। जहां से उसे उसके चाल चलन को देखते हुए निकाल दिया था। इसके बाद वह जाट कॉलेज अखाड़े में कोचिंग देने लगा। यहां भी उसका चाल चलन ठीक नहीं था।