शहर में पूर्व पार्षद न केवल लोगों की शिनाख्त कर रहे हैं, बल्कि पार्षद के नाम की मुहर और हस्ताक्षर भी फार्मों पर किए जा रहे हैं। ऐसा ही मामला निगम के वार्ड नंबर-1 में सामने आया है, जहां पार्षद राजबीर सैनी ने महिला का फार्म इसलिए वापस कर दिया, क्योंकि उस पर सही पार्षद के हस्ताक्षर और मुहर नहीं थे।
दो दिन पहले शास्त्री नगर निवासी विक्की की पत्नी राखी शिनाख्त फार्म लेकर वार्ड नंबर एक के पार्षद राजबीर सैनी के पास पहुंचीं। शिनाख्त फार्म पर मायके के पार्षद या पंच-सरपंच की ओर से भी शिनाख्त करवाई जाती है। फार्म देखकर पार्षद राजबीर सैनी का माथा ठनका। फार्म पर जो मुहर लगी थी, वह प्रदीप कुमार, म्यूनिसिपल काउंसिलर वार्ड-6 के नाम से लगी थी। साथ ही हस्ताक्षर भी थे।
पार्षद ने तुरंत महिला से कहा कि उसका मायके खोखराकोट का इलाका वार्ड-4 और 3 में आता है। तीन की पार्षद तो सुशीला इंदौरा हैं, जबकि चार से मेयर रेनू डाबला हैं। प्रदीप कुमार तो पुराने वार्ड नंबर छह से 2005 से 2010 तक पार्षद रहे हैं। ऐसे में वे दोबारा सही पार्षद के हस्ताक्षर करवाकर लाएं। वहीं, पूर्व पार्षद नरोत्तामल भटनागर ने कहा कि पूर्व पार्षद होने के नाते काई भी शिनाख्त कर सकता है, हालांकि मुहर में पूर्व पार्षद या अंग्रेजी में एक्स लिखा होना चाहिए।
पूर्व पार्षद होने के नाते कर सकता हूं शिनाख्त
मामले के संबंध में पूर्व पार्षद प्रदीप ने कहा कि महिला उनके पास आई थी। पूर्व पार्षद होने के नाते उन्होंने शिनाख्त की। हालांकि, मुहर जल्दबाजी में पुरानी लग गई होगी।
- प्रदीप कुमार, पूर्व पार्षद वार्ड छह (नगर परिषद)।