एआईपीएमटी पेपर लीक प्रकरण के दौरान अभ्यर्थियों को ब्लूटूथ डिवाइस लगे अंडर गारमेंट सप्लाई करने के आरोपी कमल सैनी ने छह लोगों से सौदा किया था, लेकिन मात्र तीन लोगों से ही लेनदेन की बात बन सकी। अन्य तीन लोग मुकर गए। यह खुलासा आरोपी कमल सैनी ने तीन दिन की रिमांड अवधि में पुलिस के समक्ष किया है। पुलिस ने आरोपी को शनिवार को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे कुरुक्षेत्र जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि कमल सैनी ने जिन छह लोगों के नाम बताए उनमें से तीन लोग पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। बाकी अन्य की तलाश में टीमें लगा दी हैं। आरोपी कमल ने पुलिस को कई पुख्ता जानकारी दी है। इसके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
बता देें कि रोहतक पुलिस कुरुक्षेत्र जेल में बंद कमल सैनी को चार दिन पहले प्रोडक्शन वारंट पर लाई थी। बुधवार को कोर्ट में पेश कर उसे तीन दिन के रिमांड पर लिया गया था। वह अपहरण के मामले में जेल में बंद था। मामले के मास्टर माइंड रूप सिंह दांगी ने पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी कमल सैनी के बारे में बताया था। पुलिस पूछताछ में कमल ने बताया कि उसके भी कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। आरोपी ने अभ्यर्थियों से 15 से 20 लाख रुपये वसूले थे। आरोपी कमल ने प्रकरण से पहले उन अभ्यर्थियों के मोबाइल नंबर दांगी तक पहुंचाए थे, जिनसे आंसर-की के लिए रुपये ले रखे थे। प्रश्नपत्र हल होने के बाद दांगी ने इन सभी मोबाइल नंबरों पर परीक्षा होने से पहले आंसर-की भेजी थी।