कहां पर है डीसी। कहां गई उसकी कार। जिस दिन उपद्रवी हमें जिंदा जलाने पर उतारू थे तो उसने एक बार भी फोन नहीं उठाया। वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के सेेक्टर 14 स्थित आवास पर उनकी बहन ने जांच आयोग के साथ पहुंचे डीसी डी. के. बेहेरा को घेर लिया।
डीसी की कार को ढूंढती हुईं पहुंची मंत्री की बहन को अधिकारी की गाड़ी दिखी तो खिड़की खोलकर कहती हैं- तू सही में बहरा है। बहरा है तू। अब तेरी हिम्मत कैसे हो गई मेरे घर आने की। जिस दिन उपद्रवी हमें जिंदा जलने के लिए छोड़ गए थे उस दिन तो फोन भी नहीं उठाया। इसके बाद अचानक डीसी की कार पर लात-घुसों की बरसात हो गई। जैसे तैसे करके डीसी को बचाया गया। अपने भाई की राख हुई कोठी में बैठी वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की बहन के आंसुओं और गुस्से ने जांच आयोग के अध्यक्ष सेवानिवृत्त आईपीएस प्रकाश सिंह के सामने ही पुलिस-प्रशासन की नाकामी की पोल खोल दी।
इससे पहले, उपद्रव के दौरान कोताही बरतने वाले अफसरों और कर्मचारियों की जांच के लिए गठित आयोग की टीम शुक्रवार सुबह प्रभारी सेवानिवृत्त आईपीएस प्रकाश सिंह और एडीजीपी क्राइम के. पी. सिंह के नेतृत्व में रोहतक पहुंची। आयोग के सदस्यों ने जाट आरक्षण आंदोलन के बाद हुई हिंसा का शिकार पीड़ितों से बातचीत कर अधिकारियों की कार्रवाई का फीडबैक लिया।
आयोग ने आंदोलन की आड़ में आगजनी, तोड़फोड़ और लूटपाट का शिकार बने सरकारी और निजी स्थलों का दौरा किया। सदस्यों ने सभी पीड़ितों से नुकसान और उपद्रवियों के बारे में पूछताछ कर सबूत जुटाए।
किसी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए तो किसी ने जिला प्रशासन पर। आयोग के सदस्य कलानौर और महम भी गए। अब आयोग के अध्यक्ष प्रकाश सिंह ने सभी पीड़ितों को लिखित में अपने बयान लेकर शनिवार को कैनाल रेस्ट हाउस में बुलाया है। वे यहां सभी पीड़ितों से मिलेंगे।
डीसी व एसपी को नहीं घुसने दिया वित्तमंत्री के घर
जिला और पुलिस प्रशासन की नाकामी की वजह से बढ़े विरोध के चलते एसपी और डीसी को वित्तमंत्री के घर में नहीं घुसने दिया गया। जब प्रकाश सिंह निरीक्षण के लिए वित्तमंत्री की कोठी में गए तो एसपी व डीसी को बाहर ही रोक दिया गया। प्रकाश सिंह ने वित्तमंत्री के घर में मौजूद उनकी बहन और अन्य रिश्तेदारों से घटना के बारे में बातचीत की।
यहां-यहां देखा तबाही का मंजर
आयोग ने स्थानीय पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारियों सहित हिंसा प्रभावित 17 जगहों का दौरा किया। डीसी डी. के. बेहरा और एसपी शशांक आनंद के साथ सबसे पहले आयोग प्रभारी गोहाना रोड स्थित वीटा मिल्क प्लांट में पहुंचे। यहां सीईओ एस. के. वालिया से घटना व नुकसान के बारे में जानकारी ली।
इसके बाद सुखपुरा चौक, बस स्टैंड, शीला बाईपास, सत्यम मॉल, सोनीपत रोड स्थित कार कंपनी, स्कॉलर रोजरी स्कूल, इंडस पब्लिक स्कूल, एमआर कॉलेज, आईएमटी स्थित कंपनी, आईजी आवास, सर्कि ट हाउस, वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के आवास, मेडिकल मोड़ सहित अन्य प्रभावित जगहों पर पहुुंची। सभी जगहों पर पीड़ितों से बातचीत कर घटना के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने पीड़ितों से घटना के समय पुलिस कार्रवाई और प्रशासनिक अधिकारियों के रवैये के बारे में जानकारी जुटाई। सारी कार्रवाई की वीडियोग्राफी करवाई जा रही थी। दोपहर 2 बजे आयोग के सदस्य कलानौर और महम के लिए रवाना हो गए। यहां देर शाम तक टीम ने पीड़ितों से बातचीत कर सबूत जुटाए।