कुलताना में सरपंच, उनकी पत्नी और तीन साल के बेटे पर फायरिंग की जांच अब विशेष पुलिस टीम करेगी। टीम में डीएसपी सांपला विजय जाखड़ के नेतृत्व में सीआईए-1 को शामिल किया गया है। एसपी राकेश आर्य ने सरपंच के परिजनों की शिकायत के आधार पर एएसआई सतबीर को लाइन हाजिर कर दिया है, ताकि मामले की जांच प्रभावित न हो सके। परिजनों ने उन पर मामले की जांच में टालमटोल करने का आरोप लगाया था। इसी तरह एसपी ने मामले में हेड कांस्टेबल विरेंद्र सिंह के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी है। हेड कांस्टेबल पर आरोपी के पक्ष में पैरवी करने का आरोप है। संबंधित थाना प्रभारी उनके भूमिका की जांच कर रिपोर्ट एसपी को सौंपेंगे।
इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सैकड़ों ग्रामीण बुधवार को एसपी राकेश आर्य से मिले। इस दौरान परिजनों और ग्रामीणों ने सांपला पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले में टालमटोल का रवैया अपना रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि हेड कांस्टेबल आरोपी का सगा मामा है और पूरे मामले को उलझा रहा है। ताकि किसी तरह पुलिस को गुमराह कर भांजे को बचा सके। वह दूसरे थाने में तैनात होने के बाद भी आरोपियों में पक्ष में सांपला थाने भी आया। इस पर एसपी ने ग्रामीणों को जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद एसपी ने मामले की जांच के लिए एक विशेष पुलिस बल गठित कर दिया।
रात को संदिग्ध घूम रहे घर के आसपास
एसपी से मिलने पहुंचे घायल सरपंच विनोद के पिता राजेंद्र, मां कांता सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सांपला पुलिस ने मामले में एक मुख्य आरोपी को पकड़ लिया है। इसके बाद भी अन्य आरोपियों को पकड़ने में देरी की जा रही है। जांच में टालमटोल रवैये के कारण एसपी से मामले की जांच विशेष टीम से करवाने की मांग की। परिजनों ने बताया उनकी जान को अभी भी खतरा है, क्योंकि रात में अभी भी कु छ संदिग्ध घर के बाहर चक्कर काटते रहते हैं। ऐसे में परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। परिजनों का कहना है कि वारदात के तीन दिन बाद भी गोली चलाने वाले अन्य आरोपी पुलिस गिरफ्त से दूर हैैं। हालांकि सूत्रों के अनुसार पुलिस ने मुख्य आरोपी जितेंद्र को पकड़ने के साथ ही दो अन्य आरोपियों की संलिप्तता का पता लगा लिया है। दोनों आरोपी बोहर के रहने वाले हैं। पुलिस ने उनकी तलाश में छापे भी मारे हैं।
सरपंच और अन्य घायल सदस्यों की हालत में सुधार
वारदात में घायल सरपंच विनोद, उनकी पत्नी रेखा और बेटे अमन की हालत में सुधार है। फिलहाल तीनों दिल्ली के निजी अस्पताल में उपचाराधीन हैं। परिजनों का कहना है कि विनोद और उनकी पत्नी अब बातचीत कर रहे हैं। एसपी से मिलने वालों में जयभगवान, राकेश, कृष्ण, करतार और रमेश के अलावा अन्य ग्रामीण शामिल रहे।
तीन दिन के रिमांड पर लिया आरोपी
थाना प्रभारी राजबीर सिंह ने बताया कि सरपंच के परिवार पर गोलियां बरसाने वाले जितेंद्र को पुलिस ने बुधवार को अदालत में पेश किया है। उसको तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान ही पुलिस हथियार और बाकी आरोपियों के बारे में पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि चुनावी रंजिश के चलते सरपंच और उसके परिजनों पर हमला किया गया है।
वर्जन-
मामले में विशेष जांच टीम गठित कर दी गई है। जांच प्रभावित न हो, इसलिए एक एएसआई को लाइन में भेजा गया है। एक हेड कांस्टेबल के खिलाफ शिकायत मिली थी कि वह ड्यूटी स्थल छोड़कर आरोपियों की पैरवी करने संबंधित थाने में पहुंचे थे। उसकी जांच के आदेश दिए गए हैं। यदि जांच में हेड कांस्टेबल की भूमिका मिली तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी भी मामले में पुलिस कर्मचारी या अधिकारी का इस तरह का रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- राकेश आर्य, एसपी रोहतक।
यह है मामला
बता दें कि कुलताना के सरपंच विनोद शर्मा रविवार रात को पत्नी रेखा और तीन साल के बेटे अमन के साथ घर में सो रहे थे। रात करीब दो बजे एक कार पर सवार होकर आए तीन युवकों ने घर में घुसकर विनोद, उसकी पत्नी रेखा पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। सरपंच के बेटे अमन को भी छर्रे लगे। सरपंच को मरा समझ बदमाश मौके से फरार हो गए। जैसे-तैसे करके तीनों घायलों को अस्पताल लाया गया। पुलिस ने विनोद की शिकायत पर गांव के ही जितेंद्र उर्फ सोनू सहित चार अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। चुनावी रंजिश के चलते वारदात को अंजाम दिया गया था।