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जमानत याचिका पर सुनवाई करने से कोर्ट का इनकार

Wed, 15 Mar 2017 02:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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कोर्ट - फोटो : Pintrest
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आरक्षण आंदोलन के दौरान वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी में आगजनी व लूटपाट सहित दंगों के तीन केस सीबीआई के पास ट्रांसफर करने का मामला लगातार पेचीदा हो रहा है। मामले में मंगलवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर जीवन की कोर्ट में आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने केस से जुड़े आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अब इस आदेश के खिलाफ आरोपी पक्ष के वकील हाईक ोर्ट जाएंगे। कोर्ट ने मामले में सुनवाई की अगली तारीख 31 मार्च तय की है।
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आरोपी पक्ष के वकील जितेंद्र हुड्डा ने बताया कि हिंसा के दौरान वित्तमंत्री की कोठी में आगजनी और आईजी आवास में हुई आगजनी के 16 आरोपियों की जमानत याचिका कोर्ट में दायर की गई थी। जमानत अर्जी लगाने वाले आरोपियों में वकील सुदीप कलकल, मनोज दूहन सहित अन्य लोग शामिल हैं। हुड्डा ने बताया कि कोर्ट ने किसी भी जमानत याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जब तक इन मामलों में हाईकोर्ट का स्टे है तब तक स्थानीय कोर्ट में इन केस से जुड़े आरोपियों की जमानत याचिका नहीं लग सकती। कोर्ट ने आरोपी पक्ष के वकील को हाईक ोर्ट में जमानत याचिका दाखिल करने की हिदायत दी। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर बहस हुई। दोनों पक्षों ने अपने अपने तर्क रखे।
बता दें कि आरक्षण आंदोलन हिंसा के दौरान वित्तमंत्री की कोठी में आगजनी, लूटपाट, आईजी आवास पर आगजनी, फायरिंग और सर्किट हाउस में हुई आगजनी और तोड़फोड़ मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। इससे पहले मामले की जांच एसआईटी कर रही थी। आदेश आने के बाद सीबीआई ने स्थानीय अदालत में अर्जी लगाकर तीनों केस को सीबीआई की अदालत में ट्रांसफर करने की बात कही थी। लेकिन कानूनी दांवपेंच के कारण अभी तक केस ट्रांसफर नहीं हो सके है। मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।  
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सुप्रीम कोर्ट भी दे चुका है निस्तारण के आदेश

वहीं, वित्तमंत्री की कोठी में आगजनी के मामले में एक आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट भी केस का 6 महीने में निस्तारण करने के आदेश दे चुका है। इस संबंध में स्थानीय कोर्ट ने हाईकोर्ट से दिशा निर्देश मांगे हैं। जबकि सीबीआई ने तीनों केस को सीबीआई अदालत में ट्रांसफर करने संबंधी याचिका हाईकोर्ट में लगा रखी है।


स्थानीय कोर्ट ने जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं की है। कोर्ट ने कहा है कि जब आरोपियों से जुड़े केस का हाईकोर्ट से स्टे है तब तक यहां जमानत याचिका नहीं लग सकती। कोर्ट का आदेश पढ़ने के बाद इसके खिलाफ हाईक ोर्ट में अपील करेंगे।
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जितेन्द्र सिंह हुड्डा, आरोपी पक्ष के वकील
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