पीजीआईएमएस में भर्ती दस वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म और उसके गर्भवती होने का मामला
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सौतले बाप की हैवानियत का शिकार हुई दस वर्षीय गर्भवती बच्ची के मामले में पीजीआईएमएस के बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। बोर्ड ने कहा कि लीगल समय से ऊपर होने के चलते गर्भपात के लिए कोर्ट की अनुमति लेनी होगी। बोर्ड की रिपोर्ट के बाद अब बच्ची की मां ने कोर्ट में अर्जी लगाई है।
शहर की एक कॉलोनी में दस वर्षीय बच्ची के साथ सौतले बाप ने दुष्कर्म किया था। गत सप्ताह पेट दर्द की शिकायत पर अस्पताल में बच्ची के गर्भवती होने का पता चला था। पांच माह की गर्भवती होने पर बच्ची की हालत नाजुक बनी हुई है। बच्ची के गर्भपात को लेकर पीजीआईएमएस के फोरेंसिक, रेडियोलॉजी, गायनी, साइकेट्री और डेंटल डिपार्टमेंट के पांच डाक्टरों का बोर्ड बनाया गया था। बोर्ड ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है। रिपोर्ट में बोर्ड ने बताया कि बच्ची पांच माह की गर्भवती है। यह समय गर्भपात के लिए लीगल नहीं कहा जा सकता। ऐसे में बच्ची के गर्भपात के लिए कोर्ट की अनुमति जरूरी है। कोर्ट की अनुमति के बाद ही बच्ची का गर्भपात किया जा सकता है। डीएसपी पुष्पा खत्री ने बताया कि कोर्ट से अनुमति के लिए बच्ची की मां ने अर्जी लगा दी है। कोर्ट का जो भी निर्णय होगा उसका पालन किया जाएगा।