फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लापता बच्चे का शव घर से पांच सौ मीटर दूर जोहड़ में मिला

Mon, 30 Jan 2017 02:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
विज्ञापन
बालक नाथ कालोनी में घर के बाहर से शनिवार शाम गायब हो गया था तीन साल का हनी - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
लापता तीन साल के बच्चे का शव रविवार सुबह घर से करीब 500 मीटर दूर जोहड़ से मिला। जींद बाईपास स्थित बालक नाथ कालोनी में एक घर के सामने से शनिवार शाम करीब पांच बजे गायब हो गया था हनी उर्फ  चीकू। परिजनों ने बच्चे की हत्या की आशंका जाहिर की है। दूसरी तरफ पुलिस का दावा है कि डूबने के कारण बच्चे की मौत हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन


बालक नाथ कालोनी में रहने वाले सोनू विडलान दर्जी का काम करते हैं। उनका इकलौता बेटा हनी उर्फ चीकू शाम को घर में खेल रहा था। इसी बीच हनी की मां दीपा दूध गर्म करने के लिए रसोई में चली गईं। तभी हनी घर के बाहर चला गया। थोड़ी देर में जब दीपा वापस आईं तो हनी गायब था। हनी को न पाकर दीपा ने पड़ोसियों से पूछताछ की, लेकिन उसका पता नहीं चला। रविवार सुबह जींद रोड स्थित नया जोहड़ के किनारे लोगों ने बच्चे का शव देखा। इसके बाद पुलिस को मामले की सूचना दी गई। कुछ देर बाद परिजनों को भी सूचना मिल गई। जब परिजन मौके पर पहुंचे तो पुलिस ने शव को बाहर निकाला। परिजनों ने बच्चे की शिनाख्त की तो उसकी पहचान हनी के रूप में हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

बड़ा सवाल: 5 मिनट में 500 मीटर दूर कैसे पहुंचा हनी

हनी का शव मिलने के बाद परिजनों ने सवाल उठाने शुरू कर दिये हैं। परिजनों का कहना है कि तीन साल का हनी सही तरीके से चल भी नहीं पाता था। जब वह घर के सामने से लापता हुआ तो पांच मिनट बाद ही परिजनों और कालोनी वासियों ने उसकी तलाश शुरू कर दी थी। मगर वह किसी को नहीं मिला। इतना ही नहीं किसी कालोनी वाले ने भी हनी को आते-जाते नहीं देखा। परिजनों का सवाल है कि हनी पांच मिनट में करीब 500 मीटर दूर जोहड़ में कैसे पहुुंच गया? परिजनों ने उसकी हत्या की आशंका जाहिर की है। हालांकि, उन्होंने किसी का नाम लेकर आरोप नहीं लगाया है।
विज्ञापन


रात भर मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारे में करवाते रहे घोषणा

हनी की तलाश में परिजन पहले तो रात भर इधर-उधर तलाश करते रहे। जब उसके बारे में कोई सुराग नहीं लगा तो परिजनों ने मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारे में जाकर कई बार हनी के नाम की घोषणा करवाई। परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस ने शिकायत पर केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन रात से लेकर सुबह तक एक बार भी बच्चे को तलाश करने का प्रयास नहीं किया। इतना ही नहीं पुलिस हनी के घर तक भी नहीं पहुंची। परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस तत्परता दिखाती तो हनी की जान नहीं जाती।

बच्चे के शव का पोस्टमार्टम करवा दिया है। डूबने से बच्चे की मौत हुई है। इसके अलावा अभी तक मौत का कोई कारण सामने नहीं आया है। फिलहाल, मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन

- एएसआई प्रकाश, गोकर्ण चौकी इंचार्ज
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें