एक बार फिर से ट्रेनों के रद्द होने की तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है और 15 फरवरी तक रद्द हुई ट्रेनें अब 28 तक रद्द रहेंगी। यह तीन जोड़ी ट्रेनें पिछले तीन महीनों से कोहरे के कारण रद्द चल रही हैं। सभी ट्रेनें एक्सप्रेस हैं। इन ट्रेनों के लगातार रद्द होने से यात्री परेशान हैं और उनके पास इसका कोई दूसरा विकल्प भी नहीं है। अधिकारी भी ट्रेनों के रद्द होने का स्पष्ट कारण नहीं बता पा रहे हैं। उनका कहना है कि यह रेलवे मंडल की ओर से लिया गया फैसला है। उन्हें फैसले की जानकारी है, फैसले के कारणों की नहीं।
रोहतक से नई दिल्ली और नई दिल्ली से रोहतक चलने वाली गाड़ी संख्या 14323 और 14324 इंटरसिटी एक्सप्रेस, डिब्रूगढ़ से लालगढ़ और लालगढ़ से डिब्रूगढ़ जाने वाली गाड़ी संख्या 15909 और 15910 अवध असम एक्सप्रेस और जयपुर से चंडीगढ़ और चंडीगढ़ से जयपुर चलने वाली गाड़ी संख्या 19717 और 19718 पिछले तीन महीनों से लगातार रद्द चल रही हैं। वहीं, दिल्ली से फिरोजपुर कैंट जाने वाली गाड़ी संख्या 54641 और फिरोजपुर से दिल्ली आने वाली गाड़ी संख्या 54642 को भी पिछले तीन महीनों से रद्द किया गया है लेकिन इनके भी संचालित होने की सूचना अधिकारियों के पास नहीं है।
इन्हें पहले नवंबर में रद्द किया गया था और दो दिसंबर तक यह ट्रेनें रद्द थीं। इसके बाद इसे बढ़ाकर 15 दिसंबर कर दिया गया। बिना कारण बताए रेलवे ने एक बार फिर 15 जनवरी तक ट्रेनों को रद्द कर दिया। इसके बाद 15 जनवरी तक रद्द ट्रेन को एक महीना और आगे बढ़ाते हुए 15 फरवरी तक रद्द किया गया। यात्रियों को आस जगी थी कि फरवरी महीने में कोई धुंध नहीं पड़ती है, शायद अब ट्रेन चल जाए। लेकिन एक बार फिर यात्रियों को निराशा ही हाथ लगी और ट्रेनों को अब 28 फरवरी तक रद्द कर दिया गया है। लगातार ट्रेनों के रद्द होने से यात्री परेशान हैं। पूछताछ केंद्र पर भी यात्रियों को नहीं पता चल पा रहा है कि आखिर ट्रेनों को रद्द करने का क्या कारण है।
ऊपर से आया आदेश
ट्रेनों को एक बार फिर से रद्द कर दिया गया है। अब पूरे फरवरी महीने यह ट्रेनें रद्द रहेंगी। इसका कोई कारण नहीं पता है। हमारे पास तो ऊपर से मैसेज आ जाता है।
भगवान सहाय मीणा, स्टेशन अधीक्षक, रेलवे स्टेशन, रोहतक।
रेलवे मंडल का फैसला, कारणों की नहीं है जानकारी
यह फैसला तो रेलवे मंडल ही करता है। हमारे पास तो फैसले आते हैं। हमें कारणों की जानकारी नहीं है। ट्रेनों को एक बार फिर से रद्द किया गया है। आगे ट्रेनें चलेंगी या रद्द रहेंगी, हम नहीं बता सकते हैं।
नीरज शर्मा, पीआरओ, रेलवे, नई दिल्ली।