चालक को झपकी आने से टूरिस्ट बस में सवार यात्रियों की जान पर बन आई। एनएच-10 पर इस्माइला रेलवे ओवरब्रिज के पास शुक्रवार तड़के चार बजे एक टूरिस्ट बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर जा पलटी। इससे बस में सवार करीब एक दर्जन यात्री घायल हो गए। बस को सड़क से हटाने के लिए क्रेन मंगवानी पड़ी और हाईवे को वन-वे किया गया। अभी क्रेन बस को सीधा कर ही रही थी कि वन-वे पर एक कार सामने से आ रही स्कूल बस से जा भिड़ी। इसमें कार सवार चार लोग घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए पीजीआई में भर्ती करवाया गया है।
राजस्थान के जिला हनुमानगढ़ से एक निजी कंपनी की बस दिल्ली जा रही थी। जब बस शुक्रवार की सुबह करीब चार बजे इस्माइला के समीप रेलवे ओवरब्रिज पर पहुंची। उसी समय अचानक चालक को झपकी आ गई। इससे चालक संतुलन खो बैठा और बस डिवाइडर पर जा गिरी। हादसे के बाद यात्रियों में भगदड़ मच गई। बस में सवार एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। यहां पर देखते ही देखते राहगीरों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही सांपला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। सभी घायलों को सांपला पुलिस ने पीजीआई में भर्ती करवाया। इसके बाद पुलिस ने पीजीआई में पहुंचकर उनका नाम और पता भी दर्ज किया। हादसा के बाद हाईवे पर जाम लग गया। पुलिस ने पलटी बस को सीधा करने के लिए क्रेन बुलाई और हाईवे को वन-वे कर दिया। अभी पुलिस बस को उठा ही रही थी कि वन-वे पर एक कार स्कूली बस से जा भिड़ी। इस दूसरे हादसे में कार में सवार चार लोग घायल हो गए। सभी घायलों को पीजीआई में भर्ती करवाया गया। भला रहा कि स्कूल बस में सवार विद्यार्थियों और अध्यापिकाओं को कोई चोट नहीं आई। पुलिस ने बच्चों को उसी समय स्कूल भेज दिया। इस मामले में देर शाम तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी।
ये यात्री हुए घायल
बस में सवार हनुमानगढ़ निवासी मनोज, अभिषेक, उत्तर प्रदेश निवासी संजीव, राजकुमार, प्रदीप और सुशील घायल हुए हैं। अधिकतर घायल पीजीआई से छुट्टी लेकर हनुमानगढ़ के लिए निकल गए। पुलिस का कहना है कि इस मामले में बस चालक की गलती सामने आई है।
रेलवे ट्रैक पर गिर सकती थी बस
ईस्माइला गांव के पास शुक्रवार सुबह जिस स्थान पर टूरिस्ट बस पलटी, उससे रेलवे पुल कुछ मीटर की दूरी पर ही है। अगर बस थोड़ी भी दूरी पर पलटती तो वह ग्रिल को तोड़कर रेलवे ट्रैक पर गिर सकती थी। इससे और बड़ा हादसा हो जाता।
टूरिस्ट बसें हो रहीं हादसे की शिकार
हाईवे पर टूरिस्ट बसों के हादसे कोई नई बात नहीं है। पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। सफर काफी लंबा है और इन बसों में चालक भी प्राय: एक ही होता है। चालक लंबा रास्ता तय करते वक्त नींद पूरी नहीं कर पाता और हादसों का शिकार हो जाता है। ऐसा ही हादसा कुछ दिन पहले खरावड़ हनुमान मंदिर के पास हुआ था। इसमें पचास से ज्यादा यात्री घायल हो गए थे। विगत दिनों गांधरा मोड़ के पास हुई दुर्घटना में एक टूरिस्ट बस ने अनाज से भरे ट्रैक्टर-ट्राली को टक्कर मार दी थी