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बेटे ने ही उतारा शिक्षिका को मौत के घाट, इंटरनेट चलाने से रोकने पर वारदात

Wed, 09 Sep 2015 02:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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इंटरनेट की लत ने बेटे को मां का हत्यारा बना दिया। मां मोबाइल रिचार्ज करने के पैसे नहीं देती तो बेटे ने दोस्तों संग मिलकर मां की हत्या कर दी। प्रवेश नगर में हुए शिक्षिका हत्याकांड में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। खुलासे के साथ ही कोर्ट ने नाबालिग आरोपी (16) को उसके दो दोस्तों हनुमान कॉलोनी व तिलकनगर निवासी नाबालिगों के साथ हिसार स्थित सुधार गृह में भेज दिया।
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आरोपी ने अपने पिता की हत्या की भी पूरी साजिश रच ली थी। मां-बाप की हत्या के बाद आरोपी सारी संपत्ति अपने नाम करवाना चाहता था। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में यह खुलासा किया है। पुलिस ने वारदात स्थल से तीन दाव, दो सर्जरी करने वाले दस्ताने, दो बैग और खून से लथपथ कमीज बरामद की है। मां-बाप का कसूर केवल इतना था कि वे बेटे को इंटरनेट से थोड़ा दूर रहने और पढ़ाई पर ध्यान देने की बात कहते थे।

सुबह से ही घात लगाकर बैठे थे तीनों
एसपी शशांक आनंद ने बताया कि वारदात वाले दिन दो सितंबर को तीनों आरोपी सुबह से ही घात लगाकर घर में बैठे थे। तीनोें शिक्षिका मंजू का मदीना स्कूल से लौटने का इंतजार कर रहे थे। शिक्षिका का बेटा कॉलेज नहीं गया क्योंकि उसके पास घर की दूसरी चाबी रहती थी।
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जैसे ही शाम करीब 3 बजे मंजू कमरे में घुसी तो उसके बेटे ने उसे पीछे से दबोच लिया। तभी एक दोस्त ने कमरे के गेट बंद कर दिए। जैसे ही मंजू ने आरोपियों से खुद को छुड़ाने का प्रयास किया तो उसके बेटे ने मंजू की चुन्नी से उसका गला दबाना शुरू कर दिया। इसी बीच कमरे के गेट बंद करके तीसरा युवक भी आ गया। फिर एक ने मंजू के पैर और हाथ बांध दिए तो दूसरे ने आवाज दबाने के लिए मुंह पर हाथ रख दिया। फिर बेटे ने चुन्नी से फंदा लगाकर हत्या कर दी।

दो घंटे तक किया पिता की हत्या का इंतजार
मां को मौत के घाट उतारने के बाद नाबालिग बेटे ने करीब दो घंटे तक ड्यूटी से आने वाले अपने पिता का इंतजार किया। शाम करीब 5 बजे उसके पिता वन विभाग में बतौर स्टेनो कार्यरत रामनिवास जैसे ही कमरे में आए तो बेटे के दोस्तों ने दाव से उनके सिर पर हमला कर दिया। ताबड़तोड़ वार करने से रामनिवास बेसुध हो गए। इसके बाद दोनों दोस्त तो भाग गए, लेकिन शिक्षिका का बेटा घर में ही मौजूद रहा। ताकि कोई आए तो बहाना बना सके।

पिता मदद के लिए चीखा, लेकिन बेटे ने बढ़ा दी टीवी की आवाज
अचानक हमला होने के कारण रामनिवास खुद को संभाल नहीं सके। उन्होंने हमला होने के तुंरत बाद मदद के लिए अपने बेटे को आवाज लगाई, लेकिन बेटा बाप के सामने नहीं आया। बेटे ने कमरे में जाकर टीवी की आवाज तेज कर दी ताकि पिता के चीखने की आवाज घर से बाहर न जा सके। आरोपी बेटे ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह अपने पिता को इसलिए पीजीआई लेकर गया कि तब तक उनकी भी मौत हो जाएगी। रामनिवास घर के अंदर घुसा तो उसे अपनी पत्नी की हत्या के बारे में थोड़ी भी भनक नहीं थी। रामनिवास को तो अभी तक भी अपनी पत्नी के मर्डर के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

सौतेली मां के बेटे ने दिया मां की हत्या का आइडिया, थप्पड़ नहीं भूला आरोपी  
एसपी ने बताया कि तीनों दोस्तों में से एक नाबालिग की मां की मौत उसके बचपन में ही हो गई थी। कुछ दिन बाद उसके पिता ने दूसरी शादी कर ली। करीब एक साल पहले लड़के  की सौतेली मां ने उसके नाम चोरी लगा दी। तभी से बेटा अपना गांव छोड़कर शहर में बुआ के घर रहने लगा। फिर पॉलीटेक्निक कॉलेज में तीनों की दोस्ती हो गई। इसके बाद कॉलेज में रामनिवास ने एक दिन अपने बेटे को उसके साथ ग्राउंड में खेलते हुए देखा तो उसे थप्पड़ जड़ दिया। तभी से वह आरोपी रामनिवास की हत्या की साजिश रचने लगा।

साथ नहीं दिया तो तुम्हारा नाम लूंगा
वहीं, आरोपी बेटे के दोस्तों ने पुलिस के सामने विरोधाभासी बयान भी दिया है। दोनों दोस्तों में से एक ने पुलिस को बताया कि तीन दिन पहले ही शिक्षिका के बेटे ने कहा कि मैं अपनी मां की हत्या करूं गा। इस पर एक दोस्त ने इनकार किया तो शिक्षिका के बेटे ने वारदात के बाद पुलिस के सामने सभी के नाम लेने की धमकी दे डाली। बता दें कि प्रवेश नगर निवासी परिवार मूल रूप से जींद जिले के जुलाना का रहने वाला है।
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मृतका के  बेटे सहित तीनों आरोपियों को हिसार स्थित सुधार गृह भेज दिया गया है। पुलिस ने गहनता से जांच करते हुए ब्लाइंड मर्डर का खुलास किया है।
शशांक आनंद, पुलिस अधीक्षक रोहतक
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