रोहतक के गुरुनानक पुरा के रहने वाले एक छात्र की आस्ट्रेलिया के समुद्र में डूबने से मौत हो गई। रविवार सुबह छात्र का शव रोहतक लाया गया। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार के लोगों का रो रोकर बुरा हाल था। इस दौरान मंत्री मनीष ग्रोवर सहित शहर के व्यापारी भी परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे।
गुरुनानक पुरा निवासी देवेंद्र सिंह भवन निर्माण के ठेकेदार हैं। उनका बड़ा बेटा दीपेंद्र सिंह आस्ट्रेलिया में एक निजी कंपनी में मैनेजर है। वह कई साल से ऑस्ट्रेलिया में ही रहता है। पड़ोसी सुदर्शन अरोड़ा ने बताया कि देवेंद्र का छोटा बेटा जसप्रीत सिंह (23 वर्षीय) दो महीने पहले एमबीए की पढ़ाई करने के लिए भाई के पास आस्ट्रेलिया गया था। 14 अप्रैल को जसप्रीत परिवार के सदस्यों और दोस्तों के साथ सिडनी के बीच पर नहाने गया था। वह समुद्र के किनारे पानी में खड़ा था जबकि परिवार के सदस्य और दोस्त थोड़ी दूरी पर थे। तभी जसप्रीत समुद्र की बड़ी लहर की चपेट में आ गया। लहर की वजह से जसप्रीत समुद्र के अंदर चला गया। ज्यादा गहराई में जाने के बाद उसका कुछ भी पता नहीं चला। तभी परिजनों ने कोस्ट गार्ड को घटना के बारे में सूचित किया। कोस्ट गार्ड और हेलीकॉप्टर की मदद से करीब 25 मिनट बाद जसप्रीत को बाहर निकाला गया। हालांकि तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। वहीं आस्ट्रेलिया में चार दिन का सरकारी अवकाश होने की वजह से जसप्रीत के शव को रोहतक नहीं लाया जा सका। शनिवार को औपचारिकता पूरी होने के बाद बड़े भाई और भाभी जसप्रीत के शव को लेकर रविवार सुबह दिल्ली पहुंचे। बाद में रोहतक में उसका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान मंत्री मनीष ग्रोवर, गुरुद्वारा बंगला साहिब कमेटी के प्रधान सरदार अवतार सिंह कोचर उर्फ डोली सहित शहर के अन्य व्यापारी और बिल्डर्स भी पहुंचे।
जन्मदिन की पार्टी में समुद्र की लहरों में समा गया जसप्रीत
जन्मदिन की खुशियां मनाने के दौरान ही जसप्रीत समुद्र की लहरों में समा गया। उसके साथ बीच पर गए सगे भाई और भाभी को तो जैसे कुछ समझ ही नहीं आया। सिडनी के बीच पर लहरों में जसप्रीत के फंसने के बाद कोस्टगार्ड को सूचना दी गई। कोस्टगार्ड ने जब तक शव को बाहर निकाला तब तक देर हो चुकी थी। जसप्रीत ने इसी साल वैश्य कॉलेज से बीकॉम की पढ़ाई पूरी की थी। पढ़ाई पूरी होने के बाद ही उसे एमबीए करने ऑस्ट्रेलिया भेजा गया था। जसप्रीत को दिल्ली एयरपोर्ट पर छोड़ने के लिए उसके माता-पिता और उनके एक पारिवारिक मित्र गए थे।
भाई-भाभी ने अपनी आंखों से देखा खौफनाक मंजर
सदमे के बाद परिवार के लोग बात करने की स्थिति में नहीं हैं। गुरुद्वारा बंगला साहिब के प्रधान अवतार सिंह कोचर के अनुसार जसप्रीत की मौत ने वैसे तो पूरे परिवार को ही झकझोर दिया है। उसके भाई और भाभी हादसे के बाद सबसे ज्यादा दुखी हैं। दोनों की आंखों के सामने ही जसप्रीत की मौत का खौफनाक मंजर हुआ। करीब 25 मिनट तक पानी के अंदर रहने के बाद जसप्रीत ने दम तोड़ दिया। उसके शव को कोस्टगार्ड की टीम ने बाहर निकाला।
12 अप्रैल को था जसप्रीत का जन्मदिन
जसप्रीत का जन्मदिन 12 अप्रैल को था। पहले तो इसी दिन उसने जन्मदिन की पार्टी करने का मन बनाया था, लेकिन किसी कारण से बाद में पार्टी करने की योजना बनी। 14 अप्रैल को परिवार को लोग पार्टी करने के लिए बीच पर पहुंचे। इसी दौरान नहाते समय यह हादसा हो गया।
नौ दिन बाद मिली लाड़ले को खोने की खबर
जसप्रीत के दुनिया से चले जाने की खबर उसके माता पिता को हादसा होने के नौ दिन बाद मिली। नौ दिनों तक जसप्रीत का बड़ा भाई दीपेंद्र सिंह दिल पर पत्थर रखकर शव को भारत लाने की औपचारिकता करता रहा। औपचारिकता पूरी होने के बाद जब दीपेंद्र ने शनिवार को परिजनों को घटना के बारे में बताया तो उनके होश उड़ गये। रविवार सुबह से ही सांत्वना देने के लिए जसप्रीत के घर पर रिश्तेदारों और अन्य लोगों की आवाजाही शुरू हो गई।
भाई की तरह होना चाहता था कामयाब
जसप्रीत अपने भाई दीपेंद्र सिंह की तरह विदेश में जाकर कामयाब होना चाहता था। इसी सपने को लिए हुए वह आगे की पढ़ाई के लिए आस्ट्रेलिया गया था। मृतक के एक दोस्त का कहना है कि जसप्रीत को क्रिकेट खेलने का बहुत शौक था। वह अक्सर रोहतक की पुलिस लाइन में दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलता था।