रविवार शाम पालपुर घाट पर तेज आंधी के दौरान यमुना में नाव पलटने से दो मासूमों सहित तीन लोगों की मौत हो गई जबकि कई लोग लापता बताए जाते हैं।। मौके पर रहे मछुआरों ने कई लोगोें को डूबने से बचा लिया। देर रात तक जल पुलिस की टीम गोताखोरों के साथ नदी में डूबे लोगों को तलाश में जुटी हुई थी। हादसे के बाद नाव पर सवार लोगों के परिजनों में कोहराम मच गया। मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। डीएम संजय कुमार ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
कौशांबी के तारापुर घाट से घूरपुर के पालपुर घाट आने के लिए नाव में महिलाओं, बच्चों समेत तीस लोग सवार हुए थे । सवारी के साथ ही नाव में सात बाइक और छह साइकिल भी रखी हुईं थीं। नाव पालपुर घाट से महज दस मीटर दूरी पर थी, उसी समय तूफान आ गया। तेज अंधड़ से नाव के डगमगाने से एक बाइक नदी में गिर गई। संतुलन बिगड़ जाने के कारण नाव पलट गई। पालपुर घाट पर मछली पकड़ रहे आठ युवकों ने नाव पलटते ही छलांग लगाकर कई लोगों को बाहर निकाल लिया ।
गोताखोरों ने यमुना में डूबे मासूम भाई बहन सरस (8) और बहन पूजा (5) पुत्र कृष्ण कुमार निवासी बहेरी कौंधियारा तथा मेवा लाल (65) निवासी पालपुर के शव निकाले। सूचना पर डीएम संजय कुमार, एसएसपी शलभ माथुर, एसपी यमुनापार एके राय मौके पर पहुंचे। इन अफसरों की मौजूदगी में देर रात तक सर्च आपरेशन चला।