छात्राओं और महिलाओं पर फब्तियां कसने वालों मनचलों की अब खैर नहीं है। मनचलों को सबक सिखाने के लिए महिला पुलिस की ओर से सोमवार को एंटी टीजिंग प्रोग्राम शुरू किया जाएगा। इसके तहत डीएसपी पुष्पा खत्री सहित महिला पुलिस की अन्य वरिष्ठ अधिकारी से लेकर हवलदार तक शहर में गश्त कर मनचलों को काबू करेंगी। प्रोग्राम की रुप रेखा तैयार कर ली गई है।
ये होंगे मुख्य गश्त प्वाइंट
वैसे तो महिला पुलिस क ी ओर से पूरे शहर में प्रोग्राम शुरु किया जाएगा। मुख्य रुप से रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, कॉलेज और स्कूलों के सामने से मनचलों को काबू किया जाएगा। डीएसपी ने बताया कि यहां पर खड़े लड़कों की बाइक की तलाशी के साथ ही ग्रुप में खड़े लड़कों पर भी कार्रवाई की जाएगी। जब तक प्रोग्राम चलेगा तब तक महिला पीसीआर और राइडर कॉलेजों और स्कूलों सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर गश्त कर मनचलों को काबू करेंगी।
एंटी टीजिंग दस्ता बनाने की भी तैयारी
पहले तो 15 दिनों तक कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसके बाद पुलिस प्रशासन की ओर से छेड़खानी की घटनाओं पर काबू पाने के लिए एंटी टीजिंग दस्ता (छेड़खानी रोधी दस्ता) बनाने की तैयारी है। इस दस्ते की कमान चार वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सौंपी जा सकती है। इन अधिकारियों के नेतृत्व में विभिन्न महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। सादी वर्दी में भी पुलिस समूह तैनात किए जाएंगे। यह दस्ता शहर के सभी सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर तैनात रहेगा।
इसलिए पड़ी जरुरत
2015 में अभी तक जिलेभर में छेड़छाड़ के करीब 150 मामले सामने आए हैं। इनमें से कई मामलों ने तो काफी तूल पकड़ा। कार्यक्रम के तहत पुलिस छेड़छाड़ के मामलों पर अंकुश लगाने का प्रयास करेगी। ताकि ग्रामीण परिवेश से आने वाली छात्राएं भी सुरक्षित महसूस करें।
काउंसिलिंग के बाद छोड़े जाएंगे मनचले
15 दिनों में जितने भी मनचलों को पुलिस दबोचेगी उन्हें काउंसिलिंग के बाद छोड़ा जाएगा। पुलिस पहले मनचलों को पकड़कर महिला थाने में लाएगी। यहां उनकी काउंसिलिंग की जाएगी। इसके बाद उनके माता पिता को थाने में बुलाया जाएगा। फिर अभिभावकों की मौजूदगी में मनचलों को उन्हें सौंपा जाएगा। सामाजिक
एंटी टीजिंग प्रोग्राम को सोमवार से शुरू किया जाएगा। इस प्रोग्राम को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य मनचलों को काबू पर छात्राओं और महिलाओं को छेड़खानी की घटना से बचाना है।
- पुष्पा खत्री, डीएसपी