एआईपीएमटी पेपर लीक मामले में लीक पेपर को हल करने वाले मास्टर सॉल्वर को पकड़ लिया गया है। रोहतक पुलिस ने बिहार से आरोपी विकास को दबोचा है। आरोप है कि मेडिकल कॉलेज, पटना के छात्र राजीव ने 10 लाख रुपये में लीक पेपर को हल किया था। आरोपी को बिहार में तीन दिन की छापेमारी के बाद पकड़ा गया है। हालांकि पुलिस ने अभी उसकी गिरफ्तारी की अधिकारिक पुष्टि नहीं की है। शुक्रवार को उसे रोहतक लाने पर खुलासा किया जाएगा। वहीं, शुक्रवार को पेपर लीक प्रकरण के मुख्य आरोपी मदीना निवासी रूप सिंह दांगी का रिमांड पूरा हो जाएगा।
10 लाख में किया था प्रश्नपत्र हल
पुलिस की मानें तो आरोपी ने प्रश्नपत्र को हल करने के एवज में 10 लाख रुपये लिये थे। आरोपी ने मास्टरमाइंड दांगी के साथ बहरोड़ स्थित कंट्रोल रुम में ही पेपर को सॉल्व किया था। राजीव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने एक दिन पहले पटना मेडिकल कॉलेज में भी छापेमारी की थी। लेकिन आरोपी वहां से फरार मिला था। अब उसे बिहार के सीतामढ़ी में घर में छापेमारी कर पकड़ा गया है।
रोहतक के तीन सॉल्वर पर भी पुलिस की नजर
वहीं, पुलिस को अब मामले में प्रश्नपत्र हल करने वाले रोहतक के तीन और आरोपियों को गिरफ्तार करना है। तीनों को दबोचने के लिए पुलिस टीम लगा दी गई हैं। इनमें एक आरोपी गांव बोहर, दूसरा सनसिटी और तीसरा आरोपी देव कालोनी का रहने वाला है। पुलिस गोच्छी के पूर्व सरपंच के बेटे को भी जल्द दबोचेगी। क्योंकि सबसे पहले इसी आरोपी ने एमडीएन स्कूल स्थित परीक्षा केंद्र के अंदर जाकर पीटीआई सतीश से प्रश्नपत्र लेकर बाथरूम में उसका फोटो खींचा था। परीक्षा केन्द्र से बाहर आने के बाद आरोपी ने दांगी को प्रश्नपत्र व्हाट्स एप पर भेजा था।
कमल सैनी की निशानदेही पर छापेमारी
कुरुक्षेत्र जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाए गए आरोपी कमल सैनी की निशानदेही पर छापेमारी शुरु कर दी गई है। आरोपी कमल ने अपने कई साथियों के नाम बताए हैं, जिन्होंने प्रश्नपत्र हल करने में दांगी की मदद की थी। अब कमल को साथ लेकर पुलिस की एक टीम रोहतक जिले में छापेमारी कर रही है। बता दें कि पुलिस ने बुधवार को एआईपीएमटी पेपर लीक प्रकरण के दौरान अभ्यर्थियों को ब्लूटूथ डिवाइस लगे अंडर गारमेंट सप्लाई करने वाले आरोपी कमल सैनी को कुरुक्षेत्र जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर गिरफ्तार किया था। आरोपी ने प्रकरण से पहले उन अभ्यर्थियों के मोबाइल नंबर दांगी तक पहुंचाए थे, जिन्होंने आंसर-की के लिए रुपये ले रखे थे। प्रश्नपत्र हल होने के बाद दांगी ने इन सभी मोबाइल नंबरों पर परीक्षा होने से पहले आंसर-की भेजी थी।