एआईपीएमटी पेपर लीक प्रकरण का मास्टरमाइंड रूप सिंह दांगी शनिवार को छह घंटे तक बहरोड़ में रहा। इस दौरान एसआईटी ने यहां कई जगहों पर छानबीन की। बता दें कि राजस्थान के अलवर स्थित बहरोड़ वही जगह है, जहां के एक रिसोर्ट से दांगी ने पेपर लीक केस को ऑपरेट किया था। यहां दांगी ने कंट्रोल रूम बनाया था। यहीं से अभ्यर्थियों को आंसर की साल्व करके भेजी गईं थीं। अब पुलिस आरोपी को निशानदेही के लिए दिल्ली लेकर जाएगी। जहां से भी पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने बहरोड़ पहुंचकर दांगी से संबंधित होटल की निशानदेही करवाई। साथ ही बहरोड़ के आसपास के इलाके में फैले दांगी के नेटवर्क को तोड़ने को कई जगहों पर छापेमारी भी की। मौके से दांगी ने प्रकरण से जुड़े कई सबूत भी पुलिस को मुहैया करवाए। इसके अलावा खुलासा हुआ कि दांगी ने एआईपीएमटी पेपर लीक करने की तैयारी कई माह पहले ही शुरू कर दी थी।
फिर बड़ी योजना के तहत वारदात को अंजाम दिया गया। प्रकरण से जुड़े कुछ आरोपी कमीशन के आधार पर दांगी के लिए काम कर रहे थे। पुलिस ने आरोपी से आंसर-की लेने वाले परीक्षार्थियों के बारे में पता किया और उनके मोबाइल नंबर डायरी के बारे में पूछताछ की।
जल्द हो सकती है कई संदिग्धों की गिरफ्तारी
पुलिस जैसे-जैसे दांगी से पूछताछ करती जा रही है, अन्य आरोपियों के नाम सामने आते जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने इस मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी लिया है। जांच टीम के अधिकारियों का कहना है कि प्रकरण में पुख्ता सबूत मिलने के बाद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारियां शुरू कर दी जाएंगी। गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को पुलिस ने दांगी को कोर्ट में पेश किया था। यहां से उसे आठ दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया था।
यह है मामला
बता दें कि 3 मई 2015 को एआईपीएमटी की प्रवेश परीक्षा हुई थी। इस दौरान ही पुलिस ने गुढाणा निवासी डॉ. भूपेंद्र सिंह, गद्दी खेड़ी निवासी राजेश बिश्नोई, बसंत विहार निवासी संजीत और ग्रेटर नोएडा के नीमका निवासी रवि अत्री को गिरफ्तार किया था। इन्हीं से पेपर लीक प्रकरण का खुलासा हुआ। आरोपियों और अभ्यर्थियों के पास से नकल कराने के आधुनिक उपकरण, ब्लूटूथ डिवाइस लगे अंडर गारमेंट्स बरामद हुए थे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर परीक्षा रद्द हुई थी। इस मामले में करीब 11 माह बाद मास्टरमाइंड रूप सिंह दांगी को 31 मार्च को बहादुरगढ़ बाईपास से गिरफ्तार किया था।