एसआईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, सुशील कुमार ने 1 अप्रैल से 6 अक्तूबर के बीच 5 मोबाइल फोन इस्तेमाल किए। इनसे कई थाना प्रभारियों व पुलिसकर्मियों के नंबर मिलने की बात भी सामने आई है।
बिना पोस्टिंग आदेश के तैनाती
यह भी सामने आया है कि सुशील 2021 से अस्थायी तौर पर वाई पूरण कुमार के साथ तैनात था। इस अवधि में उसकी औपचारिक पोस्टिंग से जुड़ा कोई आदेश एसआईटी को नहीं मिले। कैंटीन में सुशील ने अपना नाम रीडर महेश बताकर एंट्री कराई थी।
रिश्वतकांड में वाई पूरण कुमार की भूमिका पर अब जांच होगी तेज
चंडीगढ़। सुशील की ओर से रिश्वत मांगने की पुष्टि के बाद अब एसआईटी ने वाई पूरण कुमार की संभावित भूमिका की जांच तेज कर दी है। अब जांच का महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि क्या सुशील ने यह सब पूरण कुमार के कहने पर किया या वह स्वयं ऐसा कर रहा था। सुशील की गिरफ्तारी भी वाई पूरण कुमार की सरकारी गाड़ी से हुई थी।
शिकायतकर्ता प्रवीण ने भी आरोप लगाया था कि वाई पूरण कुमार के दफ्तर में बैठकर ही सुशील मंथली की मांग करता था। यह पूरा घटनाक्रम पूरण कुमार के आसपास केंद्रित रहा जिससे पुलिस का संदेह गहरा गया है। हालांकि, अभी तक इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई है कि गनमैन सुशील ने वाई पूरण के निर्देश पर रिश्वत मांगी थी।
आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ चार्जशीट अदालत में जल्द दाखिल कर दी जाएगी। -सुरेंद्र सिंह भौरिया, एसपी रोहतक।