सीसीटीवी फुटेज से हुई पहचान
डीआईजी हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि 15 नवंबर की रात नवीन अरोड़ा को अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान की और हर्ष, कनव और जतिन काली को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। जबकि बादल और एक अन्य शूटर फरार थे।
हथियार बरामद कराने के बहाने सेटअप, फिर मुठभेड़
पुलिस ने बादल निवासी गांव बस्ती भट्टियां वाला को पकड़ने के बाद उससे पूछताछ की। उसने बताया कि हथियार माहमूजोइयां टोल प्लाजा के पास स्थित श्मशानघाट में छिपाए गए हैं और उसके साथी राजू व सोनू वहीं मौजूद हैं, जो उसे राजस्थान लेकर जाने वाले थे। इसके बाद डीएसपी सुखविंदर सिंह, डीएसपी (डी) बरजिंदर सिंह, और सीआईए इंचार्ज मोहित धवन की अगुवाई में पुलिस टीम बादल को साथ लेकर अलसुबह मौके पर पहुंची। जैसे ही पुलिस श्मशान घाट में दाखिल हुई, आरोपी राजू और सोनू ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की।
हवलदार के हाथ में लगी गोली
फायरिंग में बादल और हवलदार बलौर सिंह को गोली लगी। एक गोली एएसआई गुरमीत सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। बादल को फाजिल्का के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हवलदार बलौर सिंह हाथ में गोली लगने से घायल हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। डीआईजी ने कहा कि बादल की मौत पुलिस की गोली से हुई या साथियों की गोली से इसकी पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद होगी।
राजू और सोनू अभी फरार
मामले में आरोपी राजू और सोनू धुंध का फायदा उठाकर श्मशान घाट की दीवार फांदकर फरार हो गए। पुलिस की कई टीमें उनकी तलाश में दबिश दे रही हैं। इनके पकड़े जाने के बाद ही हत्या के पीछे किसका हाथ है, इसका पूरा खुलासा हो सकेगा।
महिला भी शामिल, हथियार बरामद
नवीन की हत्या में एक महिला की संलिप्तता भी सामने आई है। पुलिस उसे जल्द गिरफ्तार कर पूछताछ करेगी। घटनास्थल से .30 बोर और .32 बोर की पिस्तौल भी बरामद हुई है। थाना अमीर खास, फाजिल्का पुलिस ने बादल, राजू और सोनू के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। डीआईजी ने कहा कि अभी यह कहना गलत होगा कि इस हत्या के पीछे किसी आतंकी संगठन का हाथ है। पूरे मामले की जांच जारी है।