गोहाना रोड स्थित प्रवेश नगर में बुधवार शाम दिल दहला देने वाली वारदात अंजाम दी गई। यहां किसी ने वन विभाग में स्टेनो रामनिवास शर्मा की पत्नी अंजू (35) के हाथ-पैर बांधकर चुन्नी से फंदा लगाकर हत्या कर दी।
बदमाशों ने रामनिवास के सिर पर भी धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर उसे बेहोश कर दिया। रामनिवास फिलहाल पीजीआई में दाखिल है। हत्या के कारणों का अभी खुलासा नहीं हो सका है। अंजू मदीना स्कूल में शिक्षिका थी। बदमाश घर में रखे नकदी और आभूषणों को नहीं ले गए। परिवार मूल रूप से जुलाना का रहने वाला है।
पुलिस के मुताबिक बुधवार शाम को रामनिवास और उनकी पत्नी घर पर थे। 6 बजे उनका बेटा नीरज मोबाइल रिचार्ज कराने चला गया। रामनिवास बाहर के कमरे में बैठे थे। इसी बीच अज्ञात बदमाशों ने घर में घुसकर रामनिवास के सिर में धारदार हथियार से हमला कर उन्हें बेसुध कर दिया। बदमाशों ने ड्राइंग रूम में काम कर रही अंजू को पक ड़कर उसके हाथ और पैर चुन्नी से बांध दिए।
इसके बाद दूसरी चुन्नी से गले में फंदा लगाकर अंजू की हत्या कर आरोपी फरार हो गए। तभी हैफेड चौक पर रहने वाली अंजू की पूर्व सहकर्मी सरकारी टीचर मीना हुड्डा किसी काम से घर आ गई। जैसे ही मीना घर में घुसी तो उसने देखा कि अंजू बेड पर मुंह के बल गिरी हुई है। उसके हाथ बंधे हुए थे। वह दौड़कर बाहर आई और शोर मचा दिया। शोर सुन मोहल्लावासी घर की तरफ दौड़े।
जब पड़ोसी घर में घुसे तो बाहरी हिस्से में बने कमरे में रखे बेड पर रामनिवास बेसुध हालत में पड़े थे। उनके सिर के पिछले हिस्से पर किसी नुक ीले हथियार से वार किया गया था। इसके तुरंत बाद पड़ोसियों ने रामनिवास को गाड़ी में डालकर पीजीआई पहुंचाया। उनकी बेटी दीपा दिल्ली में पढ़ाई कर रही है। एसपी शशांक आनंद, डीएसपी पवन कुमार और सिटी थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। अभी तक आरोपियों का कोई सुराग नहीं लग सका है।
कंट्रोल रूम में नहीं उठा फोन, पूर्व विधायक के फोन पर पहुंची पुलिस
पुलिस शहर में बढ़ रहे अपराध को रोकने में पूरी तरह नाकाम है। लेकिन जब पुलिस को घटना की सूचना दी जाती है तो भी टालमटोल किया जा रहा है। प्रवेश नगर निवासियों ने बताया कि वारदात के तुरंत बाद पुलिस कंट्रोल रूम में फोन किया गया। लेकिन काफी देर तक किसी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद पूर्व विधायक बी. बी. बतरा को 6 बजकर 58 मिनट पर फोन किया। फिर विधायक ने पुलिस को जानकारी दी। इसके बावजूद राइडर पर दो सिपाही पहुंचे। लेकिन उन्होंने किसी से कुछ पूछने की जहमत नहीं उठाई। दो मिनट रुकने के बाद घटनास्थल से चले गए।
टीवी की ज्यादा आवाज ने नहीं लगने दी भनक
पड़ोसियों की मानें तो वारदात के समय रामनिवास के घर से टीवी की बहुत तेज आवाज आ रही थी। इस कारण एक बार भी अंदर से चिल्लाने की आवाज नहीं आई।
बड़ा सवाल- चारों तरफ से कवर मकान, फिर कै से घुसे और निकले बदमाश
अंजू की हत्या ने पुलिस को भी चकरा दिया है। रामनिवास का पूरा घर चारों तरफ से कवर है। बाहरी हिस्से में भी जाली लगी हुई है। सवाल है कि पूरा घर कवर होने के बावजूद बदमाश कैसे घर में आए और फरार हो गए। एक भी पड़ोसी ने किसी को आते जाते नहीं देखा।
किरायेदार बोला- शुक्र रहा बच्चा नीचे नहीं आया
रामनिवास के मकान क ी दूसरी मंजिल पर सुरेश सोनी अपनी पत्नी पूनम सोनी और 8 साल के बेटे के साथ रहते हैं। सुरेश शहर में कपड़ों की दुकान पर सेल्समैन है। घर पर पूनम और उनका बेटा था। सुरेश का कहना है कि शुक्र है कि वारदात के समय उनका बेटा नीचे नहीं आया। सुरेश का बेटा आमतौर पर नीचे अंजू के साथ खेलता रहता था।
बिलखते हुए पहुंचा अंजू का पिता
खबर मिलते ही अंजू के मायके मुंढाल से उनके पिता बलवंत शर्मा रोहतक पहुंच गए। गली में घुसते ही पड़ोसियों की भारी भीड़ के बीच जब वह घर में घुसे तो बेसुध हो गए। बलवंत बिलखते हुए बार बार अपनी बेटी अंजू और दामाद रामनिवास को देखने की बोलते रहे, लेकिन हालत बिगड़ने के डर से पुलिस ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया।
बेटा और बेटी को नहीं पता मां की हत्या के बारे में
रामनिवास का बेटा नीरज सिविल डिप्लोमा के फाइनल ईयर में है। उनकी बेटी दीपिका दिल्ली के कालेज से बीएससी कर रही है। बेटे नीरज ने बताया कि हड़ताल के बावजूद पिता बुधवार को घर से यह कहकर ऑफिस गए थे कि मेरे को जरूरी काम है। मेरे पिता ऑफिस से घर आए और मैं बाजार में मोबाइल रिचार्ज कराने आ गया। वापस घर पहुंचा तो भीड़ लगी थी और मैं अपने पिता के साथ तुरंत ही पीजीआई आ गया। नीरज को नहीं पता कि था कि उसकी मां की मौत हो गई। वहीं, अभी तक दीपिका को भी घटना के बारे में नहीं बताया गया।
फिलहाल अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। रामनिवास अभी बयान देने की स्थिति में नहीं है। जैसे ही उनकी हालत में सुधार होगा तो हत्या के कारण और आरोपियों के बारे में खुलासा होगा। पुलिस टीम जांच में लगा दी गई हैं। मकान के अंदर नकदी या आभूषणों से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है।
शशांक आनंद, एसपी रोहतक