नजरों के सामने शराब पीने से खफा पिता ने बेटे की गर्दन पर कस्सी से तब तक प्रहार किए जब तक प्राण नहीं निकल गए
-पहली बार कस्सी से हमला किया तो चचेर भाई ने बीच-बचाव कर घायल राकेश को खेत में एक ओर लिटाया और चला गया
-चचेरे भाई के अपने खेत में जाते ही पिता ने दोबारा से कस्सी उठाकर किया हमला
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। शिवाजी कॉलोनी थाना क्षेत्र के गांव रिटौली में मंगलवार दोपहर 12.30 बजे खेत पर नजरों के सामने शराब पीने से तिलमिलाए पिता ने कस्सी से अपने इकलौते बेटे पर तब तक प्रहार किए जब तक उसके प्राण नहीं निकल गए। बेटे की हत्या के बाद आरोपी पिता नजदीक में ही खून से सनी कस्सी फेंककर भाग गया। इस बीच आए चचेरे भाई ने खून से लथपथ शव देखा तो पैरों से जमीन खिसक गई। उसके शोर मचाने पर आसपास खेत पर काम कर रहे ग्रामीण मौका-ए-वारदात पर पहुंचे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कस्सी कब्जे में लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
ताई राजबाला ने बताया कि रिटौली निवासी राजबीर अपने बेटे राकेश (19) के साथ मंगलवार को खेत पर था। काम करने के बाद पिता-पुत्र ट्यूबवेल के पास बैठकर बातचीत करने लगे। इस बीच राकेश ने अपनी जेब से शराब की बोतल निकाली और पीने लगा। आंखों के सामने बेटे को शराब पीता देख राजबीर भड़क गया। इसे लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। कुछ ही देर में कहासुनी धक्कामुक्की के साथ हाथापाई में बदल गई। इस दौरान बेटे ने पिता पर हाथ उठा दिया। इससे राजबीर की आंखों में खून सवार हो गया। उसने नजदीक में रखी कस्सी उठाई और उस पर दे मारी। कस्सी लगते ही राकेश चीखते हुए जमीन पर गिर पड़ा। उसकी चीख सुनकर नजदीक के खेत पर काम कर रहा चचेरा भाई कृष्ण मौके पर पहुंचा। वहां राकेश को जमीन पर पड़े देख उसने तुरंत राजबीर के हाथ से कस्सी छीनकर फेंक दी और राकेश को खेत में ही एक तरफ लिटा दिया। इसके करीब दस मिनट बाद वह दोबारा अपने खेत में चला गया। उसके जाते ही राजबीर ने फिर से कस्सी उठाई और दर्द से कराहते राकेश पर हमला बोल दिया। इस बार वह तब तक ताबड़-तोड़ वार करता रहा, जब तक वह मर नहीं गया।
खून से सनी कस्सी छोड़कर भागा राजबीर
राकेश की मौत के बाद राजबीर खून से सनी कस्सी फेंक कर भाग गया। इस दरमियान कृष्ण की नजर राजबीर पर पड़ी तो उसे अनहोनी की आशंका हुई। वह खेत पर पहुंचा तो राकेश का शरीर खून से लथपथ पड़ा मिला। उसने शोर मचाया तो आसपास के खेत पर काम करने वाले किसान भी वहां पहुंचे। इसक बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर तथ्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए शवगृह पहुंचाया। पुलिस ने खून सनी कस्सी भी बरामद कर ली। इसे पुलिस अपने साथ ले गई।
थाना प्रभारी का कहना है कि हत्यारोपी की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या की सही वजह समाने आएगी। प्रथम दृष्टया पता चला है कि खेत पर राकेश के शराब पीने को लेकर पिता-पुत्र के बीच विवाद हुआ। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हत्या का ये दर्ज कराया गया मुकदमा
हत्या की रिपोर्ट कृष्ण ने दर्ज कराते हुए बताया कि वह खेती करता है। मेरे पिता तीन भाई हैं जिनमें सबसे बड़ा करतार, राजेन्द्र और सबसे छोटा राजबीर है। राजेन्द्र तथा राजबीर का परिवार इकट्ठे रहते हैं और मेरा पिता अलग। मेरा चाचा राजबीर का पुत्र राकेश है। चाचा राजवीर की पत्नी जब राजबीर छोटा था, तब छोड़कर चली गई थी। राकेश का अपने मामा के गांव छारा में ही पालन-पोषण हुआ। राकेश ट्रक चलाता था। तीन माह से चाचा राजबीर के पास ही रह रहा था। मेरे चचेरे भाई राकेश के हिस्से में पांच एकड़ जमीन है। जमीन के चक्कर में राजबीर व बिल्लू का राकेश के साथ तनाव रहता था। इसके कारण राकेश व बिल्लू के बीच झगड़ा भी हुआ। आज मैं अपने खेत में मजदूरों से धान लगवा रहा था। मेरा चाचा राजबीर, बिल्लू तथा राकेश भी खेत में आए थे। बिल्लू व राकेश की खेत में कहासुनी हो गयी। इसी कारण चाचा राजबीर ने जमीनी विवाद मिटाने के लिए राकेश के मुंह पर कस्सी मारी। वह भाग कर राकेश के पास गया तब तक चाचा राजबीर ने अपने लड़के की गर्दन पर ताबड़तोड़ प्रहार करके हत्या कर दी।
ट्रक चालक था राकेश, पांच दिन बाद आया था
मृतक की ताई ने बताया कि राकेश ट्रक चलाता था। वह अक्सर 15-20 दिन के लिए जाता था। पांच दिन पहले ही वह करीब 22 दिन बाद लौटकर आया था। पिता-पुत्र एकसाथ रहते थे। उनके बीच में अक्सर शराब को लेकर तनातनी होती थी। वह बताती है कि जब राकेश घर पर होता था, तब वह ही खाना बनाता था। जब ट्रक चलाने चला जाता था, तो राजवीर उनके घर खाना खाता था।
पहले मां ले गई फिर मामा ने की परवरिश
परिजनों ने बताया कि राकेश जब बमुश्किल सात माह का था, तब उसकी मां उसे अपने साथ लेकर कहीं चली गई थी। राजवीर ने अपने साले कृष्णा के साथ उसे काफी तलाशा था। जब भतेरी एक घर में मिली तो उसने लौटने से इनकार कर दिया। जिसके चलते मामा कृष्णा राकेश को लेकर अपने गांव छारा ले गया। मामा ने उसकी 10-11 साल का होने तक परवरिश की। इसके बाद राजवीर उसे लेकर अपने घर आ गया। सोहबत सही नहीं होने की वजह से राकेश शराब आदि का नशा करने लगा।
हत्यारोपी की तलाश में पुलिस ने मारे छापे
हत्यारोपी पिता की तलाश में पुलिस ने कृष्ण विहारी के साथ संभावित ठिकाने पर छापे मारे, मगर देर रात तक उसका कोई सुराग नहीं लगा। बताते हैं कि हत्यारोपी राजवीर अपना मोबाइल फोन भी लेकर नहीं गया है, जिसके कारण पुलिस को उसकी लोकेशन भी नहीं मिल रही थी।
कई बार किया राकेश की शादी कराने का प्रयास
ताई ने बताया कि राजवीर ने कई बार रिश्तेदारियों में बातचीत करते राकेश की शादी कराने का प्रयास किया था। चूंकि वह नशा करने लगा था और घर भी खस्ताहाल था, इसलिए रिश्ता नहीं हो पा रहा था।