सांपला, कलानौर में वारदातों को अंजाम देने वाले क्रांति गैंग के सदस्य पचास हजारी देवेंद्र समेत पुलिस ने तीन को किया गिरफ्तार
- सीआईए-2 के हाथ लगी सफलता, बदमाशों के पास से तीन देशी पिस्तौल, दिल्ली से लूटी गई स्विफ्ट भी बरामद
- एसपी का दावा- बदमाशों ने पुलिस को देखती ही शुरू कर दी थी फायरिंग, मुठभेड़ के बाद पुलिस ने बदमाशों को दबोचने में हासिल की सफलता
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। सांपला व कलानौर में लूट और रंगदारी की वारदात को अंजाम देने में शामिल क्रांति गैंग के सदस्य पचास हजारी देवेंद्र समेत तीन को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। तीनों के पास से तीन देशी पिस्तौल व कारतूस भी बरामद किए गए है । तीनों ने कई वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। आरोपियों के पास से लूटी गई स्विफ्ट भी बरामद की गई है।
एसपी जशनदीप सिंह रंधावा ने अपने कार्यालय पर प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि डीजीपी के निर्देश पर वीरवार की रात पुलिस ने विशेष अभियान चलाया हुआ था। सीआईए-2 प्रभारी आजाद सिंह को सूचना मिली कि पचास हजारी देवेंद्र आईएमटी से होते हुए स्विफ्ट में अपने साथियों के साथ सवार होकर जा रहा है। सूचना पाते ही आजाद सिंह मय फोर्स के मौके पर पहुंचे। स्विफ्ट को रुकने का इशारा किया। जिस पर कार में सवार युवकों ने पुलिस पर फायरिंग करनी शुरू कर दी। पुलिसकर्मियों ने भी जवाब में हवाई फायरिंग की। पुलिस ने तीन युवकों को काबू कर लिया।
पकड़े गए आरोपियों में पचास हजारी क्रांति गैंग का सदस्य खेड़ी सांपला निवासी देविंद्र उर्फ बिच्छू, सांपला निवासी सुशील, व पवन उर्फ कालिया था। तीनों ने सांपला व कलानौर में चार लूट व रंगदारी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। आरोपियों के पास से तीन देशी पिस्तौल, 6 कारतूस व वारदात के दौरान प्रयोग की गई स्विफ्ट बरामद की गई। स्विफ्ट को दिल्ली से लूटा गया था। आरोपियों ने हरियाणा व गुरुग्राम में कई लूट, हत्या व रंगदारी की घटनाओं को भी अंजाम देना स्वीकार किया हे।
एसपी ने दिया प्रशंसा पत्र
एसपी जशनदीप सिंह ने बताया कि इनामी व उसके साथियों को पकड़ने में मुख्य रुप से सीआईए-2 प्रभारी आजाद सिंह, मंजित, कुलदीप, संत कुमार, अमित, दिनेश, ब्रहमप्रकाश, कृष्ण का विशेष सहयोग रहा। सभी को प्रशंसा पत्र भी दिया गया।
दिल्ली से वारदात करने के लिए आए थे आरोपी
एसपी के अनुसार 18 जून को आरोपी देेवेंद्र उर्फ बिच्छू अपने साथी सुशील, अभिषेक उर्फ आशु, विनित उर्फ त्रिरछी व राहुल उर्फ दादा के साथ स्विफ्ट में सवार होकर दिल्ली से वारदात करने के लिए सांपला में आए थे। आरोपियों ने करीब 11 बजे हसनगढ़ टावर फैक्टरी पहुंचकर फैक्टरी के मैनेजर पर पिस्तौल तान कर पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी। उसके बाद आरोपी हसनगढ़ से सांपला मैन बाजार में पहुंचे। जहां पर एक दुकान के मालिक से करीब 12 बजे दोपहर के समय पिस्तौल के बल पर लूट की वारदात को अंजाम दिया। उसके बाद आरोपी स्विफ्ट कार में सवार होकर सापंला से चुलियाना डीघल होते हुये कलानौर मैन बाजार पहुंचे। जहां पर करीब 2 बजे दोपहर के समय एक दुकान के मालिक से लूट की वारदात को अंजाम दिया।
लूट की वारदात के दौरान बिच्छू गैग के अभिषेक उर्फ आशु ने दुकान मालिक के विरोध करने पर उसके पैर मे गोली मारी। उसके बाद आरोपी कलानौर से डीघल होते हुए सांपला अनाजमंडी पहुंचे। जहां पर आरोपियों ने करीब 5 बजे शाम को पशुदाना की दुकान के मालिक से पिस्तौल के बल पर लूट की वारदात को अंजाम दिया। उसके बाद आरोपी स्विफ्ट कार में सवार होकर नया बास, भैसरु, कुतुबगढ़ होते हुये दिल्ली में घुस गए। वारदात में आरोपियों ने मैन रोड ना लेकर पुलिस से बचने के लिए गांव के रास्ते चुने। उपरोक्त चार वारदातों में अभिषेक उर्फ आशु निवासी मुरादपुर टेकना, विनित उर्फ त्रिरछी निवासी गुरुग्राम व राहुल उर्फ दादा निवासी बहु अकबरपुर भी शामिल रहे है। जो फरार चल रहे है। जिनको गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों ने इन घटनाओं को अंजाम देना भी किया स्वीकार
- अप्रैल 2018 में देवेंद्र ने अपने साथी नितेश, अरुण के साथ मिलकर नया बांस गांव निवासी नवदीप को गोली मारी थी, सांपला में केस दर्ज किया गया
- अप्रैल माह में साथी अरुण के साथ मिलकर सांपला के मैन बाजार के व्यापारी गिरीश से बीस लाख की रंगदारी मांगी
- जून माह में साथियों के साथ मिलकर मुरादपुर टेकना गांव में प्रवीण की गोली मारकर हत्या की
- जून माह में गुरुगाम पार्क से साथी अभिषेक, विनित, राहुल, सुशील के साथ मिलकर डिजायर लूटी
-जून माह में गुरुग्राम से बैलनो कार लूटी
- जून माह में हसनगढ़ के टावर फैक्ट्री के मैनेजर से पांच लाख की रंगदारी मांगी
- जून माह में सांपला के मैन बाजार में साथी अभिषेक, विनित, राहुल के साथ मिलकर बुक डिपो मालिक प्रमोद से पचास हजार लूटे
- जून माह में साथियों के साथ मिलकर कलानौर के बाजार में दुकान मालिक से तीन हजार की नकदी लूटी, विरोध करने पर पैर में गोली मारी
- जून में साथियों के साथ मिलकर सांपला के व्यापारी से पचास हजार की नकदी लूटी
- फरवरी माह में सांपला के मोबाइल फोन विक्रेंता की दुकान मालिक से मारपीट व तोड़फोड
- गुरुग्राम में प्रॉपर्टी डीलर से स्विफ्ट लूटी
- जून माह में दिल्ली में कार चालक से मोबाइल व कार लूटी
क्रांति गैंग से जुड़कर दिल्ली के उत्तमनगर में खरीद ली प्रॉपर्टी, यहीं पर शरण लेते थे गैंग के सदस्य
- रोहतक सीआईए-2 द्वारा पकड़े गए आरोपियों ने किया खुलासा
- पुलिस जिसके नाम पर ली गई प्रॉपर्टी, उसकी कर रही जांच
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पचास हजारी देवेंद्र व उसके साथियों ने सीआईए-2 की पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। गिरोह के सदस्यों ने क्रांति गैंग से जुड़कर दिल्ली के उत्तमनगर में प्रॉपर्टी खरीद ली थी। यहीं नहीं क्रांति गैंग के अन्य सदस्य भी यहीं पर शरण लेते थे। माना जा रहा है कि दिल्ली एनकाउंटर के बाद भी गिरोह के सदस्यों ने यहीं पर शरण ली थी। हालांकि पुलिस अभी इसकी जांच पड़ताल में जुटी है।
सीआईए-2 प्रभारी आजाद सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि वह क्रांति गैंग के सदस्य थे। यही नहीं देवेंद्र व अन्य ने दिल्ली के उत्तमनगर में भी फ्लैट खरीद लिया था। घटनाओं को अंजाम देने के बाद गिरोह यहीं पर जाकर शरण लेता था। आशंका जताई जा रही कि दिल्ली एनकाउंटर के बाद भी गिरोह के फरार सदस्यों ने यहीं पर शरण ली थी। हालांकि पुलिस अभी इसकी जांच पड़ताल में जुटी है। जांच की जा रही है कि आखिर उक्त प्रॉपर्टी किस के नाम पर खरीदी गई है?
क्रांति गैंग का किया जाएगा खात्मा
एसपी जशनदीप सिंह रंधावा ने बताया कि जल्द ही क्रांति गैंग का खात्मा किया जाएगा। इसके लिए पुलिस की टीमों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई है। जल्द ही गिरोह के फरार सदस्य भी पुलिस की पकड़ में होंगे।
9वीं पास है पचास हजारी
एसपी ने बताया कि पकड़ा गया पचास हजारी देवेंद्र नवी पास है। जबकि सुशील 11 तथा पवन 12वी तक पढ़ा है। बताया कि सांपला व कलानोर में घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश देहात क्षेत्र के मार्गों से होते हुए दिल्ली पहुंचे थे। यहीं कारण था कि पुलिस आरोपियों को नहीं पकड़ सकी थी।
जिस दुकान पर सबसे अधिक भीड़, उसी को निशाना बनाता था गिरोह
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। देवेंद्र उर्फ बिच्छू ने पुलिस की पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। बताया कि जिस दुकान पर सबसे अधिक भीड़ लगी दिखाई देती थी, उसी को गिरोह निशाना बनाता था। रेकी के बाद ही घटना को अंजाम दिया जाता था। एसपी जश्नदीप सिंह ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि गिरोह के सदस्य उन दुकानों को सबसे अधिक निशाना बनाते थे, जिन पर अक्सर ग्राहकों की भीड़ लगी रहती थी। वारदात को अंजाम देने से पूर्व पहले रेकी करते थे, इसके बाद ही अंजाम दिया जाता था।
वैष्णो देवी के दर्शन करने पहुंच गये कुछ आरोपी
एसपी ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि सांपला व कलानौर में वारदातों को अंजाम देने के बाद कुछ आरोपी दिल्ली जबकि कुछ वैष्णों देवी के दर्शन करने के लिए पहुंच गए थे। कई दिन तक वहीं पर रहे थे। इसके बाद दिल्ली आ गए थे। जैसे ही रोहतक के आईएमटी क्षेत्र में वारदात को अंजाम देने के लिए घुसे, पुलिस ने उन्हें दबोच लिया