फोटो सहित एसएनजे पांच व छह
एमडीयू का गेट टूटकर गिरा, दो घायल
- एमडीयू प्रशासन की लापरवाही : सप्ताह भर पहले ट्रक नें मारी थी गेट में टक्कर, तब से नहीं कराया सही
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय का गेट नंबर एक का एक हिस्सा गिरने से दो छात्र गंभीर रुप से घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए पीजीआईएमएस के धनवंतरी अपेक्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। एक छात्र को सिर में व दूसरे को पैर में चोट आई है। दोनों घायलों का उपचार जारी है।
कथूरा निवासी अमित व अजय ने बताया कि वह शुक्रवार सुबह लगभग साढे़ आठ बजे एमडीयू के गेट से गुजर रहे थे तो उन्हें आभास हुआ कि गेट उन पर गिर रहा है। उन्होंने बचने का प्रयास किया लेकिन कोई लाभ नहीं मिला। गेट उनके ऊपर गिर गया, गनीमत यह रही कि इन व आउट गेट के बीच में लगी लोहे की जंजीरों ने गेट को पूरा जमीन पर गिरने नहीं दिया। यदि गेट उन पर पूरा गिरता तो शायद वह बच ही नहीं पाते। अमित ने बताया कि वह एमडीयू में होटल मैनेजमेंट का छात्र है, उसके पैर में चोट आई है। चोट लगने के बाद उसके पैर सुन्न हो गए हैं। वहीं पंडित नेकीराम शर्मा कॉलेज के छात्र अजय ने बताया कि उसके सिर पर चोट आई है। डॉक्टरों ने उसकी जांच लिखी है। वह नेकी राम कॉलेज में बीए तृतीय वर्ष का छात्र है। दोनों घायलों ने रोष जताते हुए बताया कि प्रशासन की लापरवाही के चलते उनके साथ यह घटना हुई है। अधिकारियों ने लगभग सप्ताह पहले इस टूटे गेट को सही नहीं कराया और यह हादसे का सबब बन गया।
इस गेट को कुछ दिन पहले एक ट्रक ने तोड़ दिया था, जिसे सहारे पर खड़ा किया गया था। वहीं छात्रों ने बताया कि कुछ माह पहले एक छात्र प्रदर्शन के दौरान यह गेट क्षतिग्रस्त हुआ था। इसके बाद इसे चैन बांध कर रोका हुआ था। यह हमेशा एक तरफ झुका रहता था। वहीं छात्र नेता विक्रम डुमोलिया घायल छात्रों से मिलने ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। उन्होंने बताया कि बसपा के प्रदेशाध्यक्ष प्रकाश भी घायलों को हालचाल जानने पीजीआईएमएस आए थे। छात्रों ने रोष जताते हुए बताया कि वह हैरान है कि इतनी बड़ी घटना होने के बाद विश्वविद्यालय का कोई अधिकारी सायं तक घायलों का हालचाल जानने नहीं पहुंचा। घायलों को विक्रम डूमोलिया अपनी कार से उपचार के लिए ले कर आए। वहीं गेट पर तैनात गार्डों ने बताया कि दोनों छात्र गेट पर बैनर लगाने ऊपर चढ़ थे और गेट गिर गया। हालांकि इसकी किसी ने पुष्टि नहीं की है।