चाचा की मोबाइल लोकेशन ने खोला हत्या का राज
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
मासूम समीर, सिमरन और समर की हत्या के आरोपी बाप और चाचा की मोबाइल लोकेशन ने राज खोल दिया। घटना के खुलासे के बाद हर कोई स्तब्ध है। रविवार दोपहर पौराणिक तीर्थ सालिहोत्र गांव सारसा से तीन सगे भाई-बहन लापता हुए थे। सोमवार रात तक इनकी तलाश में परिवार, रिश्तेदार, गांव के लोग और पुलिस जुटे रहे। पुलिस के साइबर सेल ने चंद घंटों बाद ही मामले का खुलासा कर दिया।
मंगलवार को कुरुक्षेत्र पुलिस ने पंचकूला के मोरनी हिल से जिन तीन बच्चों की लाशें बरामद की हैं, उनके मामा गुलाब सिंह ने अमर उजाला को बताया कि पुलिस को सबसे पहले सोनू के चचेरे भाई जगदीप सिंह मलिक पर शक हुआ था। जगदीप के फोन पर बार-बार काल करने पर वह फोन अटेंड नहीं कर रहा था, लेकिन बाद में उससे बात हुई तो उसने बताया कि वह बच्चों की तलाश में क्राफ्ट मेला और अन्य जगह घूम रहा है। इसके बाद पुलिस का शक गहरा गया। इसी के चलते पुलिस ने जगदीप की मोबाइल लोकेशन की जांच कराई, जो रविवार को पंचकूला में मिली। इसके बाद पुलिस ने उसे काबू किया और सख्ती से पूछताछ करने पर उसने हत्याकांड में तीनों बच्चों के पिता सोनू मलिक का नाम उजागर कर दिया। इस नाम के सामने आने के बाद सोनू की मोबाइल लोेकेशन पुलिस ने जांच की तो वह भी पंचकूला की ही मिली। इसके बाद दोनों काबू कर लिये गये। रविवार को जब तीनों बच्चे गायब हुए थे तो पिता सोनू ने बताया था कि वह किसी मैरिज बुकिंग पर गया था।
गोद हो चुकी थी सूनी, मां मंदिर में दुआ मांगती रही
मासूम बच्चों की मां मंदिर में बैठकर अपने बच्चों के सकुशल लौटने की दुआ मांग रही थी। उसी समय उसके ही पति की साजिश को मासूमों का चाचा ही अंजाम दे रहा था।
कल तक बहनोई हमारा भगवान था, आज से दुश्मन
सुमन के भाई फूल सिंह ने फफकते हुए कहा कि कल तक बहनोई सोनू हमारे लिए भगवान था, लेकिन उसने जो दरिंदगी दिखाई है, उससे बाद अब हमारा नाता जीजा-साले का नहीं, दुश्मन का हो गया है।
मां को नहीं पता कि पिता और चाचा ने मार दिया बच्चों को
सुमन के भाइयों गुलाब सिंह, फूल सिंह और जगबीन ने बताया कि उनकी बहन को नहीं मालूम कि उसके तीनों बच्चों को खुद उनके पिता और चाचा ने मार दिया।
गुलाब बोला, बहन कैसे गुजारेगी जीवन
सुमन के चचेरे भाई कैथल के गांव गुणा वासी गुलाब सिंह ने कहा कि अब उनकी बहन का क्या होगा। उसके पति ने जो किया, उसके बाद वह जेल जाएगा। तीनों बच्चे समीर, सिमरन और समर अब नहीं रहे। इतना बड़ा दर्द लेकर बहन जीवन कैसे गुजारेगी।
पहले शक था, बाद में उसकी चरित्रहीनता सामने आई
गुलाब सिंह और जगबीर सिंह ने बताया कि सोनू ने कैथल में फोटो स्टूडियो खोला है। कैथल में ही ससुराल होने के कारण उसके कुछ किस्से उन तक पहुंचे थे, जिसके बाद उसे समझाया गया था। बताया कि सोनू दुकान के ऊपर ही कमरा लेकर रहता है। जिन बच्चों की हत्या की गई, उनके मामा बोले अच्छा होता बहन को भी मार देते। इस घटना के बाद तो बहन जिंदा लाश बनकर रह जाएगी।
एसपी की प्रतिक्रिया
एसपी अभिषेक गर्ग ने समीर, सिमरन और समर की लाशें जिला पंचकूला के मोरनी हिल में मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि तीनों बच्चों के पिता सोनू के चचेरे भाई जगदीप सिंह पुत्र धर्म सिंह ने ही बच्चों की गोली मारकर हत्या की थी। हत्या प्रकरण में पिता की भी भूमिका सामने आई है। पुलिस छानबीन में जुटी है। पुलिस भी इस मामले को सोनू के किसी महिला से अवैध संबंधों से जोड़कर देख रही है।
तो जगदीप ने उतारा सोनू का कर्ज
करीब दो साल पहले जगदीप के छोटे भाई बलिंद्र उर्फ बिंदर की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हुई थी। गांव में सोनू और जगदीप का घर आमने-सामने हैं। दोनों सगे चाचा ताऊ की संतानें हैं। सोनू अपने पिता जीताराम का इकलौता पुत्र है, जबकि जगदीप के पिता धर्म सिंह के दो बेटे थे। जगदीप से छोटा बिंदर 8वीं कक्षा का छात्र था। सोनू और जगदीप के परिवार के पास अच्छी खासी भूमि है। इकलौता होने के कारण जहां सोनू पिता की पूरी जमीन का वारिस था, वहीं जगदीप के पिता के हिस्से की भूमि उसके दोनों बेटों में बंटनी थी। बिंदर की मौत के मामले में जगदीप की ओर शक की सुई घूमी थी, लेकिन मामले में सोनू ने उसकी काफी सहायता की थी। बताया जा रहा है कि सोनू की सहायता का कर्ज उतारने के लिए ही जगदीप ने इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया है।
करोड़ों की जमीन के बीच आ चुके थे तीनों बच्चे
सोनू मलिक और जगदीप मलिक के नाम करीब 25 एकड़ से ज्यादा बेशकीमती जमीन है। गांव में चर्चा है कि यही जमीन तीनों बच्चों की मौत का कारण बनी है। यह भी कहा जा रहा है कि जिस महिला से सोनू का प्रेम प्रसंग है, वह उसी के साथ दूसरी गृहस्थी बसाने का फैसला ले चुका था। इसमें उसकी तीनों संतानें आड़े आ रही थीं। चर्चा है कि जिस महिला से वह रिश्ता जोड़ने की चाह में था, उसे सोनू के बच्चों के होते नया संबंध स्वीकार नहीं था।
टाइम लाइन
1-रविवार दोपहर 12 बजे तक तीनों बच्चे गांव में ही देखे गये
2-डेढ़ बजे तक घर नहीं पहुंचने पर इनकी आसपास में तलाश शुरु हुई
3-किसी के घर में नहीं मिलने पर तीन बजे घर में गांव वासियों का जमावड़ा लग गया
4-चार बजे पुलिस को सूचित किया
5-करीब पांच बजे इस संदर्भ में पिहोवा थाना में मामला दर्ज किया गया
6-गांव वासियों और रिश्तेदारों ने रातभर तीनों बच्चों की आसपास तलाश की
7-सोमवार कुरुक्षेत्र धन्नाभगत स्कूल के स्टाफ ने भी लापता तीनों विद्यार्थियों की तलाश शुरु की
8-क्राफ्ट और सरस मेले के अलावा आसपास गांव, पास के जिला में तलाश जारी रही
9-सोमवार दोपहर 12 बजे कुरुक्षेत्र जाट धर्मशाला में परिवार व बिरादरी के लोग एकजुट हुए
10-जाट धर्मशाला से बिरादरी के लोगों ने कुरुक्षेत्र के एसपी से मिलने के लिये समय मांगा 11-एसपी अभिषेक गर्ग ने शाम चार बजे मिलने का समय दिया
12-शाम चार बजे करीब 60-70 लोग एसपी से मिले, एसपी ने तलाश करने के लिये गठित की छह टीमें
13-एसपी के आदेश के बाद पुलिस हरकत में आई
14-सोमवार रात 8 बजे पुलिस गांव सारसा पहुंची
15-पुलिस टीम ने सोनू के घर के ठीक सामने स्थित उसके चचेरे भाई जगदीप से पूछताछ की
16-जगदीप से पूछताछ के बाद पुलिस टीम ने उसके घर का एक कमरा सील कर दिया
17-पुलिस टीम करीब साढ़े आठ बजे जगदीप और सोनू को अलग-अलग गाड़ियों में अपने साथ ले गई
18-सोमवार रात सबसे पहले जगदीप ने ही पुलिस के सामने लापता तीनों बच्चों का राज खोला
19-जगदीप ने पुलिस को जो बताया उसके बाद पूरे घटनाक्रम की तस्वीर एकदम साफ हो गई
20-इसके बाद सोनू से भी पूछताछ हुई और उसने जो बताया, वह जगदीप द्वारा खोले गये राज पर मुहर लगा गया
21-पुलिस टीम रात को ही पंचकूला मोरनी हिल पहुंची
22-मंगलवार सुबह जगदीप की निशानदेही पर पुलिस ने एक-एक कर तीनों शव बरामद किये
23-इसके बाद पुलिस ने सुबह 8 बजे गांव सारसा से 10 गणमान्य लोगों को पंचकूला बुलाया
24-मंगलवार 12 बजे तक भी गांव के लोगों को यह नहीं पता था कि तीनों बच्चे मौत के घाट उतारे जा चुके हैं
25-करीब 12 बजे तीनों बच्चों के मामा गुलाब, सुनील, जगबीर ने पहली बार गांव वासियों के समक्ष खुलासा किया