अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
गायों के लिए चारागाह भूमि खाली कराने की मांग को लेकर संत गोपालदास के साथ अनशन कर रहे अमेरिकी संत को हरियाणा पुलिस उठाकर दिल्ली में ले गई है। वह पिछले चार दिन से मानसरोवर पार्क में अनशन कर रहे थे। सिविल लाइन थाना पुलिस वीरवार को दोपहर एक बजे पार्क पहुंची और अमेरिका के संत डेनिअल डिवाइन को पकड़कर ले गई। संत गोपालदास के समर्थकों ने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें जबरन उठाकर ले गई है। वे इस मामले में कार्रवाई करेंगे।
गायों के संरक्षण और गोचरान भूमि की मांग पर वीरवार को मानसरोवर पार्क में संत गोपालदास और अमेरिकी संत डेनिअल डिवाइन साथ में अनशन कर रहे थे। यहां संत गोपालदास 14 दिन से आमरण अनशन कर रहे हैं। वहीं, संत डेनिअल पिछले चार दिन से अनशन पर हैं। दोपहर के समय संत और समर्थक 25 जून को होने वाली बैठक को लेकर मंथन कर रहे थे। इसी दौरान संत डेनिअल डिवाइन टहलने के लिए निकले तो काफी संख्या में पुलिस उन्हें पकड़ने के लिए आ गई। संत के समर्थक अमित ने बताया कि जब पुलिस ने जबरदस्ती करने की कोशिश की तो समर्थकों ने इसका विरोध जताया। इस दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। इसके बाद सभी समर्थकों ने सिविल लाइन थाने में जाकर शिकायत भी दी। समर्थकों ने बताया कि संत डेनिअल डिवाइन से ले जाने से पहले प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई नोटिस नहीं दिया गया था। वहीं, सिविल लाइन के एसएचओ नीरज ने कहा कि टूरिस्ट वीजा के नियमों के तहत धरने एवं प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती है। वीजा नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था। इस संबंध में डेनिअल को नोटिस भी दिया गया था। पुलिस ने इस संबंध में अमेरिकन दूतावास को सूचना दी थी और उन्हें वहीं पर छोड़ दिया गया है।
राजस्थान से जाट समुदाय ने पहुंचकर किया समर्थन
अनशन कर रहे संत गोपालदास को समर्थन देने के लिए राजस्थान से जाट समुदाय भी पहुंचा। जाट आरक्षण संघर्ष संचालन समिति के प्रतिनिधिमंडल ने संत को समर्थन दिया है। समिति के संयोजक मेजर मेहर सिंह मलिक और प्रांत अध्यक्ष महासिंह देशवाल ने कहा कि वे इस आंदोलन में उनके साथ हैं और गायों को चारागाह भूमि दिलाकर ही रहेंगे।