अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। प्रदेश सरकार के सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर के ड्रीम प्रोजेक्ट एलिवेटेड रेल ट्रैक निर्माण के चलते गांधी कैंप की 34 दुकान और मकानों को तोड़ने के लिए सोमवार को रेलवे अधिकारियों की टीम तीन जेसीबी और आरपीएफ के साथ पहुंची। तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू हुए पांच मिनट ही हुए थे कि व्यापारी नेता टीनू लुंबा और भाजपा पार्षद राधेश्याम ढल मौके पर पहुंचे और कार्रवाई रुकवा दी। इस दौरान स्थानीय लोग भी विरोध में उतर आए। इसके बाद करीब एक घंटे रेलवे अधिकारियों के साथ बैठक हुई, लेकिन हल नहीं निकला। दोबारा तोड़फोड़ के लिए आने पर रेलवे अधिकारियों और लोगों में बहस हो गई। व्यापारी नेता ने कहा मंत्री पहले लोगों को बसाएंगे फिर अतिक्रमण हटाएंगे। अब आगे आए तो बताकर ही आएं। कैबिनेट में यह मामला पास भी हो जाएगा। इस पर रेलवे अधिकारी सुमन बल्हारा बोलीं भई, हम मंत्री, डीसी, एसपी, निगम आयुक्त से बात करके ही कार्रवाई करने के लिए आए हैं और आगे भी सूचित करके ही आएंगे। हालांकि विरोध के चलते तोड़फोड़ की कार्रवाई को टाल दिया गया और रेलवे की टीम बैरंग ही लौट गई। इस दौरान रेलवे अधिकारियों ने एक सप्ताह का समय देते हुए अगले सोमवार को सख्ती के साथ कार्रवाई करने की चेतावनी दी।
हंगामे पर डीसी ने भेजा ड्यूटी मजिस्ट्रेट
काम रुकवाए जाने पर रेलवे अधिकारियों ने पूरे मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। इसके बाद डीसी ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट गुलाब सिंह को मौके पर भेजा। इसके बाद रेलवे अधिकारी फिर मजिस्ट्रेट, जीआरपी, सिविल पुलिस और आरपीएफ के साथ फिर तोड़फोड़ करने के लिए पहुंचे। बड़ी संख्या में भीड़ इकट्ठा हो गई। अधिकारियों ने व्यापारी नेता, पार्षद और दुकानदारों से बातचीत की। पहले एक माह फिर 10 दिन का समय मांगा, लेकिन रेलवे अधिकारी इसके लिए तैयार नहीं हुए। अंत में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के हस्तक्षेप के बाद रेलवे अधिकारी ने एक सप्ताह का समय दिया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट गुलाब सिंह, रेलवे अधिकारी सुमन बल्हारा, वैभव पाठक ने संयुक्त रूप से बताया कि एक सप्ताह के दौरान खुद ही अपने मकान तोड़ लेंगे, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी।
तीन मकान तोड़े, एक की दीवार ढाई
सोमवार सुबह करीब 11 बजे रेलवे निर्माण विभाग की एईएन सुमन बल्हारा, एक्सईएन वैभव पाठक, एसएसई आरके अनेजा तीन जेसीबी और आरपीएफ फोर्स लेकर बजरंग भवन के पास पहुंचे। यहां जेसीबी से पंकज, अनिल और श्याम के मकान को तोड़ दिया गया और अनिल के घर की दीवार ढहा ही गई थी कि विरोध शुरू हो गया।
तीन महीने पहले 4.8 किमी एलिवेटेड ट्रैक के निर्माण के दिया गया था नोटिस
रेलवे और प्रदेश सरकार रोहतक-गोहाना रेलवे ट्रैक पर 4.8 किमी. लंबा एलिवेटेड रेलवे ट्रैक बनवा रही है। दावा किया जा रहा है कि इसके बनने से ट्रेनों के गुजरते समय क्रॉसिंग के फाटक बंद होने से शहर में चार स्थानों पर लगने वाले जाम की समस्या से लोगों को राहत मिलेगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार चिन्योट कॉलोनी से बजरंग भवन के बीच करीब 34 दुकान व मकानों का कुछ हिस्सा रेलवे की जमीन पर बना है। करीब तीन माह पहले रेलवे प्रशासन ने इन दुकान व मकानों को जमीन खाली करने का नोटिस भेजा था।