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गुरुकुल शेष..

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खाने में बच्चों को मिलती है सादी दाल व कच्ची रोटी
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक
गुरुकुल में बच्चों को यौन प्रताड़ना ही नहीं यहां के प्रशासन की मनमर्जी भी झेलनी पड़ती है। बच्चों के लिए न खाने की बेहतर सुविधा है न दूसरी व्यवस्था। सोमवार दोपहर को बच्चों को उड़द की सादी व पतली सी दाल और रोटी खाने में दी गई। मशीन से निकली अनेक रोटियां कच्ची थी। यह खुलासा सीडबल्यूसी ने किया है। बच्चों ने गुरुकुल की व्यवस्था को लेकर समिति को ये बातें बताई। यही नहीं सीडब्ल्यूसी ने खाने के अलावा दूसरी व्यवस्था भी जांची। इस दौरान ढेरों खामियां नजर आई।
बाल कल्याण समिति की मानें तो गुरुकुल की व्यवस्था बेहद खस्ता है। कुछ बड़ी खामियां सामने आई हैं। इन्हें दुरुस्त करने की जरूरत है। इसमें पहली कमी सीसीटीवी की है। कक्षाओं में तो सीसीटीवी लगे हैं, मगर हास्टल व अन्य जगह नहीं। शारीरिक दंड मामूली बात पर ज्यादा दिया जाता है। बच्चे अपनी शिकायत नहीं दे सकते हैं। इसके लिए शिकायत पेटी तक नहीं है। वार्डन को शिकायत दे भी दी तो वह दब जाती है। कोई ज्यादा बोले, तो उसकी पिटाई हो जाती है। खाने में दाल-रोटी मिलती है। यह टेस्टलेस होती है। मेडिकल जांच की कोई व्यवस्था नहीं है।
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समिति ने सुरक्षा घेरा बनाया तो बच्चों से सुनाया दर्द
समिति ने बच्चों की काउंसिलिंग के जरिए गुरुकुल में हुई घटना का सच जानने का प्रयास किया। इस संबंध में कक्षा 12वीं के बच्चों से पूछा गया तो उन्होंने नो-कमेंट्स लिख कर दिया। कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों की बारी आई तो समिति सदस्यों ने विद्यार्थियों पर गुरुकुल प्रशासन का दबाव होने की आशंका के चलते बच्चों के चारों को अपना सुरक्षा घेरा बना लिया। समिति के सभी सदस्यों ने उन्हें अपने बीच लेकर बेखौफ होकर बोलने के लिए कहा तो बच्चों ने उत्पीड़न किए जाने की बात कही। ये बयान समिति दर्ज कर लिए हैं।
गुरुकुल नहीं कर रहा जांच में सहयोग
समिति चेयरमैन डॉ. राज सिंह सांगवान ने कहा कि गुरुकुल जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। मामला गंभीर है। सभी बच्चों से बातचीत करना, उनके बयान दर्ज करना, बड़ा काम है। गुरुकुल न तो कोई रिकॉर्ड दे रहा है न कोई और सहयोग। सीबीएसई से संबद्ध गुरुकुल में वर्ष 2008 के नियमानुसार काउंसलर नियुक्त किया जाना था। ऐसा यहां नजर नहीं आया है। नियमों के तहत काउंसलर अपना काम नियमित रूप से करे, यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है। काउंसलर को सारा रिकॉर्ड दर्ज करना होता है। यह रिकॉर्ड भी गुरुकुल ने नहीं दिया है। इसके लिए नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस के जरिए जवाब मांगा जाएगा। इसके बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
समिति ने गुरुकुल में लगाई कोर्ट
बाल कल्याण समिति ने सोमवार को मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुकुल में ही कोर्ट लगाई। पूरी कमेटी यहीं है। सभी के बयान दर्ज किए गए हैं। पीड़ित, उनके अभिभावक, आरोपी सभी के बयान स्टडी किए जाएंगे। कुछ और बच्चे सामने आए हैं। फिलहाल इस बारे में स्पष्ट तौर पर कहना मुश्किल है। बयान की स्टडी के बाद कोई निर्णय लिया जाएगा। बच्चों को रीहैब्लिटेशन दिया गया है। बच्चा अपराध नहीं करता, गलती करता है। इनके लिए जेजे बोर्ड है। इसी के तहत कार्रवाई होती है। समिति नियमानुसार कार्रवाई कर रही है। यहां से पांच आरोपियों को जेजे बोर्ड के सामने पेश किया गया है।
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साल भर से हो रहा बच्चों के साथ गलत काम
अभिभावकों ने कहा कि गुरुकुल में बच्चों के साथ गलत हुआ है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। साल भर से यह सब हो रहा है। प्रशासन जानबूझ कर आंखें बंद किए हुए है। कुछ महीने पहले भी मामला उठा था। शिकायत भी हुई थी। उस समय इसे दबा दिया गया। इस बार भी यही प्रयास किया जा रहा है। गुरुकुल में ऐसे पीडित बच्चों की संख्या काफी ज्यादा है। इनका मेडिकल कराया जाए। जांच रिपोर्ट में सब सामने आ जाएगा।

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