धोखाधड़ी की आरोपी महिला को जमानत दिलवाने के नाम पर रिश्वत लेते कोर्ट का रिकॉर्ड कीपर गिरफ्तार
- विजिलेंस की टीम ने आरोपी महिला के पति से 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते किया गिरफ्तार
- खुद को मैथ का टीचर बताकर महिला ने किया था 29 लाख रुपये का गबन
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
विजिलेंस की टीम ने 29 लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में जेल में बंद महिला आरोपी को जमानत दिलवाने के एवज में 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते जिला कोर्ट के रिकार्ड कीपर जय भगवान को गिरफ्तार किया है। आरोपी को शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
सोनीपत के इंडियन कॉलोनी निवासी अश्वनी कुमार ने शुक्रवार सुबह विजिलेंस डीएसपी को शिकायत दी थी। शिकायत में बताया था कि उसकी पत्नी रीना देवी धोखाधड़ी के एक मामले में सुनारिया जेल में बंद है। वह पत्नी की जमानत करने के मामले में जिला कोर्ट में कार्यरत रिकॉर्ड कीपर जय भगवान से मिला था। उसने जमानत दिलवाने के एवज में 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
अश्वनी का आरोप है कि रिश्वत देने से इनकार करने पर जय भगवान ने जमानत नहीं होने देने की धमकी दी। 19 अप्रैल को कोर्ट में रीना की जमानत पर सुनवाई होनी थी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस में डीएसपी महेश कुमार के नेतृत्व में गुलाब सिंह तहसीलदार, शशि कपूर प्रवाचक नायब तहसीलदार के साथ टीम गठित की गई। टीम ने अश्वनी को पाउडर लगे नोट देकर जय भगवान के पास भेज दिया। जय भगवान ने अश्वनी को कोर्ट के बाहर बुला लिया। जैसे ही जय भगवान ने रुपये लिये तो टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। इसके बाद उससे रिश्वत के रुपये बरामद कर गिरफ्तार किया गया।
खुद को फर्जी शिक्षिका बताकर महिला ने लिया था 29 लाख रुपये का लोन
अश्वनी कुमार की पत्नी रीना सहित छह आरोपियों के खिलाफ 20 सितंबर 2017 को सिविल लाइन थाने में केस दर्ज किया गया था। एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के एरिया मैनेजर प्रमोद कुमार ने पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत में बताया था कि उनकी कंपनी होम लोन देने का काम करती है। रीना नाम की महिला ने कंपनी के एक एजेंट से मिली भगत करके 29 लाख रुपये का लोन लिया था। रीना ने लोन लेने से पहले दस्तावेजों में खुद को सरकारी उच्च विद्यालय गांव आहुलाना में मैथ की टीचर बताया था। आरोप है कि रीना ने कंपनी में जमा किये सारे दस्तावेज फर्जी तरीके से तैयार करवाए थे। लोन जारी होने के बाद जब रीना ने समय पर किश्त जमा नहीं की तो कंपनी की तरफ से जांच की गई। जांच में पता चला कि रीना न तो किसी स्कूल में टीचर है और जो मकान उसने रिकॉर्ड में दिखाया वह भी किसी अन्य का था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके जेल भेजा था।