अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। 19 जनवरी को चिड़ी गांव से रोहतक टाइल्स लेने आते समय बाइक व कार की टक्क र में घायल छात्र ने पीजीआई में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि जींद के जुलाना थाने के एसएचओ ने मामले में फैसले न करने पर जान से मारने की धमकी दी। मृतक के चाचा की शिकायत पर लाखन माजरा थाने के एसएचओ पर केस दर्ज किया गया है।
चिड़ी गांव के रहने वाले संजय ने लाखन माजरा थाने पर शिकायत करते हुए बताया कि 19 जनवरी को वह अपने भतीजे प्रदीप और अंकित के साथ बाइक पर सवार होकर गांव से रोहतक टाइल्स लेने के लिए जा रहा था। भतीजा अंकित दूसरी बाइक पर सवार था। बताया कि जैसे ही बाइक घरौठी मोड़ के पास पहुंची तो सामने से तीव्र गति से आ रही कार ने जोरदार टक्क र मार दी, जिससे बाइक पर सवार अंकित घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए पजीआई में भर्ती कराया गया। जहां पर उपचार के दौरान 20 जनवरी को उसकी मौत हो गई। आरोप है कि जींद के जुलाना थाने का एसएचओ रोहताश मामले में फैसले का दबाव बना रहा था। मना करने पर परिवार के सदस्यों को मारने की भी धमकी दी गई। संजय की शिकायत पर जुलाना एसएचओ पर केस दर्ज कर लिया गया है। इस बारे में जुलाना एसएचओ रोहताश का कहना है कि उन पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं।