हेल्थ विवि के स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर आए तूफान ने मचाई अफरा-तफरी
लाइटिंग ट्रस गिरने से कुलपति समेत पांच घायल, दो गंभीर
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
हेल्थ विश्वविद्यालय के दसवें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित राहगीरी कार्यक्रम के दौरान आए तूफान ने चंद मिनटों में अफरा-तफरी मचा दी। डीजे फ्लोर पर लगा लाइटिंग ट्रस अचानक गिर गया और इसकी चपेट में कुलपति समेत पांच घायल हो गए। घायलों को तत्काल डॉक्टरों ने अपने निजी वाहन में धनवंतरी एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में पहुंचाया, जहां सभी का उपचार किया गया। हादसे में दो महिला डॉक्टरों को गंभीर चोट आई हैं जो उपचाराधीन हैं।
शुक्रवार को शाम सात बजे संस्थान के सभागार के बाहर राहगीरी कार्यक्रम की शुरूआत हुई। इसमें तकरीबन साढे़ सात बजे अचानक आंधी आई, इससे पहले कि कोई संभल पाता कि डीजे फ्लोर के लिए लगा लाइटिंग ट्रस गिर गया। डीजे फ्लोर की पहली पंक्ति में एक तरफ कुलपति डॉ. ओपी कालरा, एसपीएम के हेड डॉ. प्रदीप खन्ना, डॉ. विकास ककड़, पैथोलॉजी की डॉ. सुनीता, ब्लड बैंक की डॉ. बिमला राठी बैठे थे। वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग के डॉ. सुरेंद्र बिश्नोई, न्यूरो सर्जन डॉ. ईश्वर, डॉ. रमेश वर्मा आदि बैठे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही आंधी आई तो लाइटिंग ट्रस गिर गया। इसके गिरते ही ट्रस से बचाने के लिए डॉ. सुरेंद्र ने डॉ. रमेश वर्मा को धक्का दिया और डॉ. वर्मा ने डॉ. ईश्वर को धक्का देकर चोटिल होने से बचाया। लेकिन इस दौरान कुलपति डॉ. कालरा, डॉ. प्रदीप खन्ना, डॉ. बिमला राठी, डॉ. सुनीता वर्मा, आशा व नर्सिंग कॉलेज की शकुंतला इसकी चपेट में आ गए। इसके चलते कुलपति को कोहनी और पैर में, डॉ. सुनीता को रीढ़ में, डॉ. बिमला राठी को सिर व रीढ़ में चोट आई। वहीं कंधे पर चोट लगने से डॉ. प्रदीप खन्ना मौके पर बेहोश हो गए। आशा व शकुंतला को इस घटना में मामूली चोट आई। सभी को मौके पर डॉक्टर अपनी कारों में लेकर तुरंत ट्रॉमा सेंटर पहुंच गए, जहां सभी को उपचार दिया गया। अभी डॉ. बिमला राठी व डॉ. सुनीता उपचाराधीन हैं। वहीं बताया जा रहा है कि इस घटना में एक बच्चा भी घायल हुआ है, लेकिन उसका पता नहीं चल पाया। इसके अलावा किसी ने इसकी पुष्टि भी नहीं की है। वहीं कार्यक्रम में पहुंचे लोगों ने बताया कि गनीमत रही कि अगली पंक्ति में कम ही बैठे थे अन्यथा बड़ी घटना हो सकती थी। क्योंकि बार-बार विद्यार्थी अगली पंक्ति के आगे बैठने की जिद कर रहे थे। वहीं उपचार के दौरान मीडिया की एंट्री कुछ समय के लिए ट्रॉमा में रोक दी गई।