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बिहार के प्रवासी हरियाणा से ले जा रहे शराब की खेप

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हरियाणा से शराब ले जाते हैं बिहार के लोग
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-बिहार में शराब बंदी के कारण यहां से की जा रही शराब की तस्करी
-चार महीनों में जीआरपी बिहार के 15 लोगों को कर चुकी गिरफ्तार
-पटना ले जाई जा रही सबसे अधिक शराब
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
इसे विभागीय अधिकारियों की लापरवाही कहा जाएगा या फिर कुछ ओर कि बिहार के प्रवासी रोहतक के अलावा सोनीपत, पानीपत से शराब की खेप को ले जा रहे हैं। खुद जीआरपी के आंकड़े यह गवाही दे रहे हैं। चार माह में शराब के साथ जीआरपी 15 लोगों को पकड़ चुकी है। पटना में सबसे अधिक शराब ले जाई जा रही है। इस तरह के मामलों की एक बानगी।
केस नंबर-एक
पटना निवासी राजेश को जीआरपी ने दो दिन पहले ही प्लेटफार्म नंबर एक से 20 पव्वे शराब के साथ पकड़ा। पूछताछ में उसने बताया कि बिहार में शराब बंदी के कारण वह रोहतक से ही शराब को कम दामों में खरीदकर ले जाता है तथा बिहार में शराब को ऊंचे दामों में बेचता है। पुलिस ने आरोपी का चालान कर दिया।
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केस नंबर-दो
पटना के ही मोनू को जीआरपी ने रोहतक रेलवे स्टेशन से एक पेटी देशी शराब के साथ पकड़ा। आरोपी ने पिछले काफी समय से रोहतक, सोनीपत व पानीपत से शराब बिहार ले जाने का खुलासा किया। उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया।
केस नंबर-तीन
दरभंगा निवासी मोहन को भी जीआरपी ने अवैध शराब के साथ पकड़ा। वह शराब को कम दामों पर खरीदकर ले जाता था तथा वहां ऊंचे दामों में बेचता था।

ये तीन केस तो बानगी मात्र हैं। पिछले चार महीने में जीआरपी बिहार के 15 लोगों को अवैध शराब के साथ पकड़ चुकी है। इनमें 10 पटना के थे। पूछताछ में सामने आया कि हरियाणा में शराब की कीमत कम होने तथा बिहार में शराब बंद होने के कारण बिहार के रोहतक, सोनीपत, पानीपत जिले में रहने वाले प्रवासी शराब बेचने के लिए बिहार ले जा रहे थे।
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शराब की तस्करी किसी भी कीमत पर नहीं होने दी जाएगी। शराब की तस्क री करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया है।
-नरेश कुमार, एसएचओ, जीआरपी

ट्रेन को मानते हैं सबसे सुलभ साधन
शराब की तस्करी करने वाले लोग शराब को दिल्ली, बिहार, यूपी में पहुंचाने के लिए ट्रेन को सबसे सुलभ साधन मानते हैं। कपड़ों के नीचे बैग में छिपाकर अधिकतर लोग शराब लेकर जाते हैं। हालांकि जीआरपी व आरपीएफ ने शराब तस्करों पर शिकंजा कसा है।
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