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15 फरवरी की रात गन्नौर जीटी रोड पर लूटी कार, मोस्टवांटेड बादशाह का गुर्गें छोटू ने खुद को मारी गोली, चेतन दबोचा:

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मोस्टवांटेड बादशाह के गुर्गे छोटू को पुलिस ने घेरा तो उसने खुद को मारी गोली, मौत, दूसरा साथी चेतन दबोचा
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छोटू बोला, मैं इनकै ना ठयाऊं... और मार ली कनपटी पर गोली

- हिसार की बोस्टल जेल और लाखनमाजरा के पूर्व सरपंच के घर भागा था छोटू
- डेढ़ साल पहले कुख्यात बहु अकबरपुर के संजीत बिदरो के साथ हिसार जेल से हुआ था फरार

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक ।
गोहाना के शामडी चिढ़ाना के खेतों में आशीष उर्फ आंशु उर्फ छोटू और उसके साथी चेतन को पुलिस ने चारों तरफ से घेर लिया। कोई रास्ता न देख कर छोटू ने चेतन से कहा कि मैं इनकै ना ठयाऊं। इसके बाद उसने अवैध पिस्तौल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
छोटू करीब डेढ़ साल पहले हिसार की बोस्टल जेल ‘बाल सुधार गृह’ से रोहतक के गांव बहु अकबरपुर निवासी कुख्यात संजीत बिदरो के साथ फरार हो गया था। 14 फरवरी को सीआईए वन टीम की लाखनमाजरा के पूर्व सरपंच के घर छापेमारी के दौरान आशीष उर्फ छोटू और उसके साथी चेतन अपने सरगना बादशाह के साथ फरार हो गया था।
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लाखनमाजरा से भागने के एक एक दिन बाद ही 15 फरवरी की रात को छोटू और चेतन ने गन्नौर जीटी रोड स्थित बांय गांव के पास पिस्तौल के बल पर एक इनोवा कार लूट ली। आरोपियों का पीछा करते हुए जब गन्नौर पुलिस ने दोनों को घेर लिया तो आरोपी छोटू ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली जबकि पुलिस ने उसके साथी चेतन को दबोच लिया।

बता देें कि सीआईए वन की टीम ने बुधवार देर शाम लाखनमाजरा के पूर्व सरपंच के घर छापेमारी की थी। यहां पुलिस को मोस्टवांटेड बादशाह व उसके साथी भिवानी जिले के सांगा गांव का आशीष उर्फ आंशु उर्फ छोटू व किरसौला गांव के चेतन के छिपे होने की सूचना मिली थी। पुलिस छापेमारी के लिए घर पहुंची तो सिपाही पर घरवालों ने पाकिस्तानी बुली नस्ल का कुत्ता छोड़ दिया। इस पर सिपाही ने अपने बचाव में कुत्ते को गोली मार दी थी। इसी बीच तीनों बदमाश घर की छत से खेतों में कूदकर भाग गये थे। पुलिस ने घर से अवैध हथियार के साथ कुलदीप व सरपंच के पोते जितेंद्र को हिरासत में लिया था। बाद में जितेंद्र की कोई भूमिका नहीं होने के कारण उसे छोड़ दिया था।

यूपी भागना चाहते थे छोटू और चेतन
पूर्व सरपंच के घर से भागने के बाद चेतन और छोटू ने पुलिस से बचने के लिए सोनीपत की तरफ रुख कर दिया। दोनों आरोपी कार लूटकर यूपी भागना चाहते थे। आरोपियों ने वीरवार की रात बांय गांव के निकट पिस्तौल के बल पर पानीपत के गांव रॉकसेड़ा गांव निवासी सुरेंद्र से इनोवा कार छीन ली और खुबडू-शाहपुर रोड की तरफ भाग गए। दोनों बदमाश खुबडू के पास पुलिस नाका तोड़कर भागने लगे। पुलिस ने उनका पीछा किया तो बदमाश गाड़ी छोड़ कर गोहाना के शामडी चिढ़ाना के पास खेतों में जा घुसे। पुलिस ने खेतों में घुस कर दोनों बदमाशों को घेर लिया। खुद को पुलिस के चंगुल में फंसता देख आरोपी आशीष उर्फ छोटू ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने चेतन को हिरासत में ले लिया।

छोटू ने 11 फरवरी को चमारिया रोड से भी लूटी थी कार
आरोपी चेतन और छोटू पिछले एक महीने से रोहतक, सोनीपत सहित अन्य जिलों में लगातार वारदात कर रहे थे। आरोपियों ने 11 फरवरी को चमारिया रोड से गांव जसिया निवासी सरदारा से उनकी कार लूटी थी। आरोपियों ने लिफ्ट लेकर पहले तो हनुमान कॉलोनी रहने वाले चालक सरदारा सिंह को शराब पिलाई। फिर उसकी कार लूट ली थी। पुलिस को तभी से दोनों आरोपियों की तलाश थी।

सीआईए वन ने चेतन से की पूछताछ
आरोपी चेतन की गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद सीआईए वन उससे पूछताछ करने सोनीपत पहुंच गई। सीआईए वन ने आरोपी से चमारिया रोड पर हुई लूट के बारे में पूछताछ की। इसके अलावा बादशाह की लोकेशन के बारे में जानकारी जुटाई है। जल्द ही पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लाकर रोहतक जिले से जुड़े मामलों में पूछताछ करेगी। चेतन ने बताया कि छोटू किसी भी सूरत में पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ना चाहता था। इस कारण उसने खुद को गोली से उड़ा दिया। पुलिस ने चेतन से बहु अकबरपुर निवासी कुख्यात संजीत बिदरो के बारे में भी पूछताछ की है। संजीत ही छोटू को हिसार की बच्चा जेल से भगाकर ले गया था।

मोस्टवांटेड बादशाह के गुर्गे हैं दोनों बदमाश
आत्महत्या करने वाला छोटू और चेतन कुख्यात गांव किरसौला निवासी मोस्टवांटेड बादशाह के गुर्गे है। बादशाह वर्ष 2015 में गुरुग्राम के व्यापारी विशाल की हत्या में शामिल रह चुका है। लाखनमाजरा के पूर्व सरपंच के घर छोटू और चेतन के साथ कुख्यात बादशाह भी छिपा था। वह लाखनमाजरा से फरार होने के बाद चेतन व छोटू से अलग हो गया था। गन्नौर की लूट में बादशाह के शामिल होने की बात नहीं आ रही है।
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कुलदीप लेकर आया था तीनों को पूर्व सरपंच के घर
सीआईए वन पिछले काफी समय से आरोपियों के पीछे लगी हुई थी। जब पुलिस के हत्थे जींद रोड से मंगल नाम का आरोपी चढ़ा तो उसने बादशाह व छोटू और चेतन के छिपे होने की सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने लाखनमाजरा में छापेमारी की थी। यहां से कुलदीप नाम के आरोपी और पूर्व सरपंच के पोते जितेंद्र को हिरासत में लिया था। फिर पूछताछ में सामने आया कि जितेंद्र को बादशाह और उसके दो साथी चेतन व छोटू के आपराधिक रिकॉर्ड के बारे में जानकारी नहीं दी। कैथल के गांव किठाना निवासी कुलदीप ही बादशाह, चेतन, छोटू को लेकर जितेंद्र के घर आया था।
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