मस्तनाथ नगर में प्लॉट बेचने के नाम पर 17 लाख हड़पे
- एडीसी कार्यालय के कर्मचारी सहित दो के खिलाफ केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
दिल्ली रोड पर मस्तनाथ नगर में 17 लाख रुपये लेकर भी प्लॉट की रजिस्टरी न कराने का मामला सामने आया है। भिवानी जिले के गांव बागनवाला के युवक नवीन ने बलियाना गांव निवासी पंकज और संजय के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। पीड़ित का कहना है कि पंकज न केवल उसका रिश्तेदार है, बल्कि एडीसी कार्यालय में कार्यरत भी है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक नवीन ने शिकायत दी है कि पंकज ने जनवरी 2016 में उसे प्लॉट दिखाने के लिए रोहतक बुलाया। साथ ही उसे संजय नाम के युवक के पास ले गया। तीनों मस्तनाथ नगर कॉलोनी में पहुंचे। वहां पर उसे कई प्लॉट दिखाए गए, जहां टी प्वाइंट का प्लाट लेने पर सहमति बनी। टोकन मनी के तौर पर उससे 2 लाख रुपये ले लिए गए। तय हुआ कि 10 फरवरी तक प्लॉट के पूरे पैसे दे दिए जाएं। उससे पहले ही 7 फरवरी को पंकज को फोन कर बाकी नकदी लेकर आने के लिए कहा। 15 लाख रुपये लेकर वह रोहतक आ गया। इसके बाद पंकज व संजय उसे तहसील में ले गए, जहां पूरे प्लॉट की कीमत 22 लाख 99 हजार 920 रुपये तय हुई। वह आरोपियों को 17 लाख रुपये दे चुका था, बाकी 5 लाख रुपये पंकज ने अपने एडजस्ट करवाए। बाद में उन्होंने कहा कि अभी रजिस्टरी बंद हैं। बाद में रजिस्टरी करवा देंगे। इसके बाद जब भी रजिस्टरी के लिए कहता, वह टाल-मटोल करते रहे। वह रोहतक पहुंचा और पंकज से बात की। पंकज ने धौंस दिखाते हुए कहा कि वह एडीसी कार्यालय में तैनात है। अब न तो रजिस्टरी कराएंगे और न ही पैसे वापस देंगे। इसके बाद उसने संजय से संपर्क किया। संजय ने कहा कि जब तक पंकज नहीं कहेगा, तब तक वह रजिस्टरी नहीं कराएगा। इस तरह आरोपियों ने उसके 17 लाख रुपये हड़प लिए।
वर्जन
मामले में पंकज और संजय के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पता लगाया जा रहा है कि पंकज एडीसी कार्यालय में कार्यरत हैं या नहीं।
- राजेश कुमार, एसएचओ सिविल लाइन