फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दोस्ती करने के लिए ट्रैफिक पुलिस सिपाही ने ऑटो में मांगा नेशनल कराटे गोल्डमेडलिस्ट से नंबर

विज्ञापन
विज्ञापन
फ्रेंडशिप के लिए ट्रैफिक पुलिस सिपाही ने ऑटो में मांगा नेशनल कराटे गोल्ड मेडलिस्ट से नंबर
विज्ञापन

खिलाड़ी डेढ़ किलोमीटर तक पीटती ले गई महिला थाने, एसएचओ बोली - जलील ही कर सकती हूं

- पिटाई के बाद सिपाही ने बताया असली नाम, अब खिलाड़ी उच्च अधिकारियों से करेगी शिकायत

शनि शर्मा
रोहतक।
रोहतक ट्रैफिक पुलिस के एक सिपाही को दोस्ती करने के लिए नेशनल कराटे खिलाड़ी गोल्ड मेडलिस्ट से उसका मोबाइल नंबर मांगना भारी पड़ गया। उसकी इस हरकत पर बिफरी नेशनल खिलाड़ी ऑटो के अंदर ही डेढ़ किलोमीटर तक वर्दी पहने सिपाही की धुनाई करते हुए महिला थाने में पहुंच गई। थाने में एसएचओ ने सिपाही पर कार्रवाई करने की बजाए खिलाड़ी को तर्क दिया कि वह सिर्फ आरोपी को जलील कर सकती है। अब खिलाड़ी पुलिस के उच्च अधिकारियों से मामले की शिकायत करेगी। खिलाड़ी ने अपने मोबाइल में पूरे मामले की वीडियो और फोटो कैद कर ली है।

प्रीत विहार कॉलोनी निवासी युवती ने बताया कि वह बीसीए पास करने के बाद कराटे खेल की प्रेक्टिस करती है। खिलाड़ी नेशनल और राज्य स्तर पर कई प्रतियोगिता खेल चुकी है। वह फिलहाल शीला बाईपास स्थित एक एकेडमी में तैयारी करती है। खिलाड़ी का कहना है कि वह वीरवार को प्रेक्टिस खत्म करने के बाद पावर हाउस से ऑटो में बैठकर डबल फाटक की तरफ जा रही थी। खिलाड़ी जब ऑटो में बैठी तो उसने अपने पिता के पास फोन करके कहा कि वह दस मिनट में घर आ रही है। खिलाड़ी के अनुसार जब ऑटो मेडिकल मोड पर पहुंचा तो यहां से ट्रैफिक पुलिस का एक सिपाही उसमें सवार हो गया। डी पार्क पर ऑटो में खिलाड़ी और सिपाही ही सवारी के रूप में बैठे थे। डी पार्क पर चालक ने ऑटो रोक लिया और किसी काम से एक दुकान पर चला गया। खिलाड़ी को अकेला पाकर सिपाही ने उसका मोबाइल नंबर मांगा। इस पर खिलाड़ी ने उससे नंबर मांगने का कारण पूछा तो सिपाही ने कहा कि वह सिर्फ दोस्ती करने के लिए मांग रहा है। इस पर खिलाड़ी बिफर गई। उसने एक के बाद एक सिपाही को थप्पड़ जड़ दिये। इसी बीच ऑटो चालक आ गया। उसने खिलाड़ी से सारी कहानी पूछी। खिलाड़ी ने चालक से ऑटो को महिला थाने में ले जाने की बात कही। फिर चालक ऑटो को महिला थाने लेकर चल दिया। डी पार्क से लेकर महिला थाने तक खिलाड़ी ने सिपाही की जमकर धुनाई की।
विज्ञापन


सिपाही ने दो बार कियाभागने का प्रयास, खिलाड़ी ने दबोचा
खिलाड़ी ने बताया कि जब वह सिपाही को पकड़कर ऑटो से महिला थाने ले जा रही थी तो उसने पहले तो अशोका चौक पर भागने का प्रयास किया। इस पर खिलाड़ी ने उसे पकड़ लिया और दो तीन थप्पड़ जड़ दिये। इसके बाद सिपाही ने खिलाड़ी से माफी मांगकर पीछा छुड़ाने का प्रयास किया लेकिन खिलाड़ी ने उसकी एक नहीं सुनी। फिर सिपाही ने सोनीपत स्टैंड पर भागने का प्रयास किया। इस बार भी खिलाड़ी ने उसे दबोच लिया। जैसे तैसे करके खिलाड़ी उसे थाने में लेकर पहुंची।

महिला थाने पहुंची तो पुलिस कर्मियों ने बनाया दबाव
जब खिलाड़ी सिपाही को लेकर थाने में पहुंची तो उसे बाहर ही महिला थाने के कुछ वरिष्ठ अधिकारी मिल गये। खिलाड़ी का आरोप है कि पुलिस अधिकारियों ने उस पर सिपाही के खिलाफ कार्रवाई न करने का दबाव बनाया। अधिकारी खिलाड़ी से कह रहे थे कि सिपाही की पत्नी और बच्चे है। यदि केस दर्ज हो गया तो परिवार बर्बाद हो जाएगा। ऐसे में बच्चों और पत्नी का क्या होगा। कुछ देर तक तो खिलाड़ी ने उनकी एक नहीं सुनी। मगर लगातार दबाव बनाने के बाद खिलाड़ी ने सिपाही के खिलाफ शिकायत नहीं दी। पूरे हंगामे के बीच खुद के बचाव में सिपाही बार बार खिलाड़ी से माफी मांगता रहा।

सिपाही ने नाम बताया कुलदीप, खिलाड़ी ने दस्तावेज खंगाले तो निकला कोई और
खिलाड़ी ने सिपाही की हरकत के बाद उसका नाम पूछा तो उसने पहले बताया कुलदीप। संदेह होने पर खिलाड़ी ने उसके आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पुलिस आईडी कार्ड खंगाले तो उसमें नाम कुछ और था। सिपाही पहचान जींद के एक गांव निवासी के रूप में हुई। खिलाड़ी ने उसके सारे दस्तावेज की फोटो अपने मोबाइल में ले ली। फिर खिलाड़ी ने सिपाही द्वारा माफी मांगने की वीडियो भी बनाई।

आमने-सामने

एसएचओ का तर्क- खिलाड़ी ने नहीं दी शिकायत
मामले में महिला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुनीता का तर्क है कि खिलाड़ी से पूरे मामले में बारे में बात की गई थी। मगर उसने खिलाड़ी ने शिकायत नहीं दी। यदि शिकायत देती तो कार्रवाई होती। जब शिकायत के बारे में खिलाड़ी से पूछा तो उसने कहा कि आपस में मामला निपटा लिया है।

खिलाड़ी का तर्क-एसएचओ बोली हरकत पर सिर्फ कर सकती हूं जलील
वहीं, मामले में पीड़िता खिलाड़ी का कहना है कि सभी पुलिस वालों ने कार्रवाई न करवाने का दबाव बनाया। इंस्पेक्टर सुनीता ने मौके पर आकर कहा कि मैं सिर्फ सिपाही को जलील कर सकती हूं। किसी ने भी कोई सुनवाई नहीं की। इस मामले को लेकर खिलाड़ी अब पुलिस के उच्च अधिकारियों से संपर्क साधेगी।
विज्ञापन


एक नेशनल और छह राज्यस्तरीय प्रतियोगिता खेल चुकी है खिलाड़ी
छेड़खानी का शिकार हुई पीड़िता खिलाड़ी ने नेशनल और 6 राज्य स्तरीय कराटे प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुकी है। उसने जिला स्तर भी विभिन्न प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। खिलाड़ी ने फरवरी 2017 में गोवा में नेशनल स्तर पर मुकाबला खेला था। इसके बाद उसने राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता। खिलाड़ी के पिता राज मिस्त्री है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें