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प्रधानमंत्री रोजगार योजना के नाम पर मुख्यमंत्री के गांव में ठगी

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प्रधानमंत्री रोजगार योजना के नाम पर मुख्यमंत्री के गांव में ठगी
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- ग्रामीणों ने दो महिला सहित तीन ठगों को दबोचकर पुलिस को सौंपा
- पीएम आवास योजना के नाम पर मेयर के वार्ड में हो चुकी है ठगी

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक ।
प्रधानमंत्री रोजगार योजना के नाम पर सीएम मनोहर लाल खट्टर के गांव बनियानी में ठगी करने वाले गिरोह का भांडाफोड़ हुआ है। दो महिलाएं व एक पुरुष लोगों से लोन दिलाने के नाम पर एक से 5 हजार तक रुपये ऐंठ रहे थे। समय रहते ग्रामीणों को शक हो गया। ग्रामीणों ने तीनों को दबोच कर पुलिस के हवाले कर दिया। पकड़े गए आरोपियों में दो महिलाएं शहर की शास्त्री कालोनी की रहने वाली है, जबकि युवक मदीना निवासी है।

दरअसल, मुख्यमंत्री के गांव बनियाणी में शुक्रवार दोपहर को कार में सवार होकर दो महिलाएं सहित चार लोग आये। चारों लोगों ने कुछ ग्रामीणों को गांव के एक मकान में इकट्ठा कर लिया। ठग ग्रामीणों से प्रधानमंत्री रोजगार योजना के नाम पर एक हजार रुपये ले रहे थे। पांच ग्रामीणों से रुपये ले चुके थे जबकि अन्य ग्रामीणों को गुमराह कर रहे थे। इसी बीच सरपंच प्रतिनिधि बंसी विज को मामले की सूचना मिली। वह अन्य ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे। यहां पर सरपंच प्रतिनिधि ने दोनों महिलाओं और व्यक्तियों से उनके बारे में पूछा। पहले तो वह टालमटोल करते रहे। बाद में उनकी पहचान मदीना निवासी अरूण, हिसार बाईपास निवासी चालक राहुल, शास्त्री नगर निवासी बबीता और अंजू के रूप में हुई। सरपंच प्रतिनिधि ने उनसे पूछताछ की तो बबीता नाम की महिला ने बताया कि उन्हें एडीसी ऑफि स रोहतक से गीता नाम की अधिकारी ने भेजा है। शक होने पर ग्रामीणों ने अधिकारी के बारे में पता किया तो खुलासा हुआ कि ऑफिस में कोई भी इस नाम का अधिकारी नहीं है। इस पर ग्रामीणों ने चारों को घेर लिया। तभी मौके का फायदा उठाकर चालक राहुल कार लेकर फरार हो गया जबकि अरुण, बबीता और अंजू को ग्रामीणों ने दबोच लिया। इसके बाद कलानौर थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया।
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फाइल चार्ज के नाम पर लेते थे 5 हजार रुपये
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत ग्रामीणों का एक हजार रुपये में पंजीकरण करते थे। इसके बाद ग्रामीणों से सारे पहचान संबंधी सारे दस्तावेज लेकर फाइल चार्ज के नाम पर 5 हजार रुपये वसूलते थे। फिर ग्रामीणों को लालच देते थे कि उनका रजिस्ट्रेशन विभाग में हो गया है। अब उनके बैंक खाते में ढाई लाख रुपये आ जाएंगे। इस तरह आरोपियों का गिरोह ग्रामीणों के साथ ठगी करता था। पुलिस आरोपियों उनके अन्य साथियों के बारे में पता लगाने का प्रयास कर रही है।
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केंद्र की योजनाओं के नाम पर पहले भी ठगी के मामले सामने आ चुके हैं। पिछले दिनों शहर में निगम पार्षद सुशीला इंदौरा के वार्ड नंबर 3 व मेयर रेनू डाबला के वार्ड नंबर 4 में कुछ युवक प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर ठगी कर रहे थे। पार्षद ने समर्थकों सहित दो युवकों को दबोच लिया था। सिटी थाना पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार भी किया था, लेकिन आगे मामले की जांच नहीं बढ़ सकी। यहीं कारण है कि ठगों के हौसले लगातार बुलंद हैं।







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