मित्र कक्ष बना छवि सुधारने का हो रहा प्रयास, फिर भी पुलिस कर्मचारी नहीं आ रहे बाज
पुलिस की मार से पीड़ित पीजीआई में भर्ती, न्याय के लिए भटक रहे परिजन
अमर उजाला ब्यूरो
महम।
पुलिस विभाग विदेशों की तर्ज पर मित्र कक्ष बनाकर छवि सुधार आम आदमी के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाने का प्रयास कर रहा है। लेकिन पुलिसकर्मी अपनी आदतों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं।
इस बार गुरुग्राम पुलिस ने ये कारनामा किया है। मंगलवार देर रात गुरुग्राम पुलिस के जवानों ने पूछताछ के नाम पर खरकड़ा के एक युवक को इतनी बेरहमी से पीटा कि उसे इलाज के लिए पीजीआई रोहतक दाखिल करवाना पड़ा। पीड़ित के परिजन न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। जबकि पुलिस कानून कार्रवाई करने की बजाय उनको बचाने का प्रयास कर रही है।
पुलिस की मार से घायल हुए गांव खरकड़ा निवासी कप्तान पुत्र राजमल ने बताया कि गांव के नजदीक खेतों में पानी का आरओ लगाया हुआ है। मंगलवार रात को वह आरओ पर सो रहा था। रात करीब 11 बजे किसी ने पानी पीने के बहाने दरवाजा खुलवाने के लिए आवाज लगाई। जब दरवाजा नहीं खोला तो खुद के पुलिसकर्मी होने की जानकारी दी। उसके बाद दरवाजा खोला तो कमरे के अंदर आते ही उन्होंने उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।
खेतों में काम रहे किसानों ने बताया कि मारपीट करने वाले गुरुग्राम पुलिस की दो गाड़ियों में आए थे। एक गाड़ी सड़क पर थी तथा एक पीसीआर आरओ पर आई थी। पीड़ित ने बताया कि उसका किसी भी आपराधिक मामले में नाम शामिल नही है। उसके बावजूद भी पुलिस ने इतनी बेरहमी से क्यों पीटा यह समझ नही आ रहा है। मारपीट करने वालों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी गई है। लेकिन पुलिस समझौता करवाने का प्रयास कर रही है।
जांच के बाद किया जाएगा मामला दर्ज : थाना प्रभारी
थाना प्रभारी रमेश ने बताया कि पुलिस द्वारा खरकड़ा के युवक कप्तान के साथ पुलिस कर्मचारियों द्वारा पूछताछ के बहाने बेरहमी से मारपीट करने की शिकायत दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए जाएंगे। उसके बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।