रोहतक।
डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख को लेकर बरती गई सतर्कता में व्यापार को भी चपत लग रही है। प्रदेश के कई जिलों में बाजार बंद रहने के कारण भारी नुकसान हो रहा है तो वहीं पेट्रोल पंप भी अछूते नहीं रहे। हालांकि फिलहाल पेट्रोल पंप बंद नहीं हैं, लेकिन तीन दिन के अंदर प्रदेश में तेल की बिक्री 15 फीसदी तक नीचे आ गई। हालात ये रहे कि शुक्रवार रात करीब आठ बजे ही किसी अनहोनी के डर से संचालकों ने पेट्रोल पंप बंद कर दिए।
दरअसल, डेरा प्रमुख पर आने वाले फैसले को लेकर सरकार ने तीन दिन पहले पेट्रोल पंपों के आदेश जारी कर दिए थे। किसी को भी खुले में पेट्रोल-डीजल न दिया और तेल लेने वाले संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जाए। इस आदेश के बाद प्रदेश के करीब पांच हजार पेट्रोल पंप प्रभावित हुए हैं। तेल की बिक्री पर नजर डालें तो एक माह में करीब 22 हजार किलोलीटर पेट्रोल की बिक्री होती है। किलोलीटर को प्रति लीटर के हिसाब से देखें तो एक माह में करीब दो करोड़ 20 लाख लीटर पेट्रोल की खपत है। जो एक दिन में करीब सात लाख 33 हजार लीटर बैठती है। इसी तरह प्रति माह एक लाख 22 हजार किलोलीटर डीजल की बिक्री होती है। पिछले तीन दिन में यह बिक्री 15 फीसदी तक नीचे आ गई है। पेट्रोल पंप संचालकों की मानें तो इन आदेशों के बाद एक तरफ उपभोक्ताओं की संख्या कम हो गई तो वहीं किसी भी संदिग्ध को तेल नहीं दिया जा रहा है। इसका प्रभाव प्रतिदिन निर्धारित होने वाले तेल के रेट पर भी पडे़गा। क्योंकि जो तेल पहले ज्यादों दामों में खरीदा गया है उसे अब नए दामों पर बेचा जाएगा, जो कम भी हो सकते हैं।
यह बोले पदाधिकारी
सरकार के आदेशों का पालन किया जा रहा है। हालांकि इन आदेशों के बाद पेट्रोल-डीजल की बिक्री 15 फीसदी तक कम हुई है। देश भर में करीब 54 हजार पेट्रोल पंप है, लेकिन इसमें हरियाणा के पेट्रोल पंप प्रभावित हुए हैं।
- महेंद्र वर्मा, उप प्रधान ऑल इंडियन पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन