रोहतक। प्रदेश के आखिरी छोर नारनौल से विभिन्न जिलों में पहुंचने वाली क्रशर कुछ लोगाें की अतिरिक्त कमाई का जरिया बना हुआ है। नारनौल की अरावली से डस्ट, रेती व रोडी लेकर जाने वाले ट्रक चालक अवैध वसूली करने वाले गिरोह के निशान पर हैं। गिरोह के गुर्गे ओवरलोडेड वाहन चालकों को चालान की मोटी राशि का भय दिखाकर प्रत्येक वाहन से आठ हजार रुपये वसूलते थे। इस वसूली गई राशि का 90 प्रतिशत यानी 7200 रुपये आरटीए स्टाफ को भेज कर शेष दस प्रतिशत यानी 800 रुपये आरोपी खुद रखते थे। यह खुलासा सीआईए-2 की पूछताछ में रिमांड पर लिए आरोपियों ने किया है।
मामले पर डीजी की नजर
पुलिस ने ट्रक चालकों से अवैध वसूली करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को रिमांड पर लिया है। इसमें खरमाणा का रवींद्र उर्फ काला, डेयरी मोहल्ला का सुरेंद्र राठी, आरटीए विभाग का सहायक सचिव मनीष मदान व क्लर्क अमित शामिल हैं। इनसे पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में कई खुलासे होने की उम्मीद है। यही नहीं यह मामला डीजीपी के संज्ञान में आ चुका है। ऐसे में केस की पल-पल का अपडेट ली जा रही है।
पुलिस ने की थी आरोपियों के 164 के बयान कराने की तैयारी
ट्रक चालकों से अवैध वसूली करने वाले गिरोह के गुर्गो को पुलिस ने क्लीन चिट देने की लगभग तैयारी पूरी कर ली थी। शायद यही वजह है कि कोर्ट में आरोपियों के 164 के बयान के लिए जेएमआईसी रवि के सामने फाइल रखी गई। जबकि शिकायतकर्ता या गवाह के ही 164 के बयान होते हैं। जज ने इस केस में पेश आरोपियों के अलग चेंबर में बयान देने के लिए कहा तो दो दोनों आरोपी साफ मुकर गए।
नकली आरटीए का डर दिखाकर करते थे अवैध वसूली
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ओवर लोड वाहन चालकों से अवैध वसूली के लिए नकली आरटीए साथ रखते थे। अपने साथ दो लोगों को अलग गाड़ी में रखा जाता था। इनके साथ सोनीपत, झज्जर, रेवाड़ी नेशनल हाईवे, पानीपत-जयपुर हाईवे से गुजरने वाले ओवर लोड वाहनों को रुकवाया जाता था। इनके चालकों व मालिकों को मोटे जुर्माने का डर दिखाकर प्रत्येक वाहन आठ हजार रुपये वसूली करते थे।
यूं पकड़े सीआईए टू ने आरोपी
सीआईए टू की टीम ने शुक्रवार देर शाम सांपला संग्राहलय के पास डेरा डाला। यहां एक गाड़ी में बैठे नकली आरटीओ के पास टीम का एक सदस्य खुद को ट्रक चालक बताकर मिला। उसने जुर्माने की रसीद मांगी। इस पर नकली आरअीओ ने कहा कि सरकारी जुर्माना अधिक बनता है। बगैर रिकार्ड आठ हजार रुपये देकर काम बन जाएगा। इस पर पुलिस ने उसे तुरंत दबोच लिया। उसकी तलाशी लेने पर पुलिस को साढे़ बारह लाख रुपये बरामद हुए। जबकि दूसरे आरोपी के पास से एक लाख रुपये मिले। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि चरखी दादरी आरटीओ कार्यालय के कर्मचारी की शह पर वे अवैध वसूली करते थे। इसके लिए उनके बीच 90:10 के रेशों में राशि बंटती थी। गिरोह प्रदेश के रोहतक, झज्जर, भिवानी, सोनीपत, नारनौंद, फरीदाबाद, गुड़गांव में नाके लगाकर अवैध वसूल करता था।