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डेरामुखी की सुरक्षा का हवाला देकर कारौर रंजिश के दो आरोपी डबल लॉक चक्की में किये बंद

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डेरामुखी की सुरक्षा का हवाला देकर कारौर रंजिश के दो आरोपी डबल लॉक चक्की में किये बंद
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- जेल प्रशासन ने बिना कारण बताए की कार्रवाई, पेशी पर आये दोनों बंदियों ने किया खुलासा
- आरोपियों के वकील ने जेल प्रशासन से जवाब मांगने के लिए जिला कोर्ट में लगाई याचिका

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
जेल प्रशासन ने बिना कारण बताए कारौर के पूर्व सरपंच हत्याकांड के आरोपी कुख्यात काला जठेड़ी और अनिल छिप्पी को डबल लॉक चक्की बैरक में बंद कर दिया है। बताया जा रहा है कि जेल में बंद डेरामुखी गुरमीत राम रहीम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दोनों को डबल चक्की में बंद किया गया है। बंदियों ने शुक्रवार को कोर्ट में पेशी के दौरान मामले का खुलासा किया। बंदियों के वकील प्रदीप मलिक ने जिला एवं सत्र न्यायालय में याचिका दायर कर डबल लॉक चक्की में बंद करने का कारण पूछा है। इस संबंध में जेल प्रशासन को सोमवार को कोर्ट में जवाब देना है।

बता दें कि 7 साल पहले मार्च 2012 में रोहतक कोर्ट से गुड़गांव की भौंडसी जेल ले जाते समय करौर के पूर्व सरपंच श्रीभगवान, उसके भाई दिलबाग की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कुख्यात काला जठेड़ी ने अपने साथियों के साथ पुलिस को बंधक बना लिया था और दोनों भाईयों को गोली से भून दिया था। जांच में कारौर के ही कुख्यात अनिल छिप्पी नाम भी सामने आया था। तभी से दोनों आरोपी सुनारिया जेल में बंद हैं।
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शुक्रवार को दोनों आरोपियों की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्वनी गोयल की अदालत में पेशी पर आये थे। यहां पर दोनों ने अपने वकील प्रदीप मलिक ने बताया कि उन्हें जेल प्रशासन ने डबल लॉक की चक्की में बंद कर दिया है। इ स चक्की में कुख्यात बंदियों को बंद किया जाता है। बंदियों ने बताया कि उन्हें बिना कारण बताए चक्की में बंद किया गया। आरोप है कि यहां पर न तो ढंग से खाना दिया जा रहा और न ही बाहर निकलने दिया जा रहा है।

जेल प्रशासन लापरवाही छिपाने के लिए बंदियों का कर रहा प्रताड़ित- वकील प्रदीप मलिक
आरोपियों के वकील प्रदीप मलिक ने बताया कि 6 मार्च को खरावड़ निवासी रोशनलाल नाम के बंदी ने जेल के बाथरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। अब जेल प्रशासन अपनी लापरवाही छिपाने के कारण बंदियों को प्रताड़ित कर रहा है। इसी के तहत अनिल छिपी और संदीप काला को चक्की में बंद किया गया है। इस संबंध में जिला कोर्ट में याचिका दायर कर दी गई है। इस याचिका में जेल प्रशासन से दोनों को चक्की में बंद करने का कारण पूछा गया है। वकील का कहना है कि दोनों बंदियों ने जेल में किसी से भी कोई अभद्रता नहीं की है। न ही उनके खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है। इसके बावजूद चक्की में बंद कर दिया गया।
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डेरामुखी की सुरक्षा को आधार बनाएगा जेल प्रशासन
डेरामुखी राम रहीम के जेल में आने के बाद से सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर बंदियों के साथ अमानवीय व्यवहार के आरोप पहले भी लगे है। पहले भी कई बंदियों ने राम रहीम की वजह से बैरक से बाहर न आने और खाना सही तरह से नहीं मिलने की शिकायत की थी। इस मामले को भी राम रहीम की सुरक्षा से जोड़कर ही देखा जा रहा है। हालांकि जेल प्रशासन सोमवार को कोर्ट में जवाब पेश करेगा।
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