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असिस्टेंट प्रोफेसर विजय दांगी ने डायरेक्टर के घर के बाहर खड़ी कार को ठोका

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फोटो नंबर : 116 :

फ्लैग: एक दिन पहले एमडीयू की असिस्टेंट प्रोफेसर विजय दांगी ने डायरेक्टर के घर के बाहर खड़ी कार को ठोका

हैडलाइन:
अगले दिन ऑफिस में दाखिल होकर बोलीं, तू यहां का सबसे बड़ा गुंडा, टेबल पलटी, जान से मारने की दी धमकी, केस दर्ज

सबहेड:

आरोपी बोलीं, छह वर्ष में 20 से ज्यादा की शिकायत, नहीं हुई कार्रवाई, यहां गाड़ी टच हो जाती है तो मीटिंग बुला ली जाती है


अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक
एमडीयू के यूआईईटी निदेशक कार्यालय में मंगलवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे हंगामा हो गया। असिस्टेंट प्रोफेसर विजय दांगी यूआईईटी के डायरेक्टर के ऑफिस में पहुंचीं और उन्हें यूनिवर्सिटी का सबसे बड़ा गुंडा कहते हुए उन पर मेज पलट दी। यहां तक कि पेपर वेट उठाकर डायरेक्टर को मारने का प्रयास किया। सोमवार को डायरेक्टर और असिस्टेंट प्रोफेसर की कार में टक्कर के बाद से मामला बढ़ता चला गया, जो मंगलवार को डायरेक्टर के ऑफिस तक पहुंच गया। यूआईईटी डायरेक्टर ने महिला प्रोफेसर पर अभद्रता करने, अपशब्द कहने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। विवि टीचिंग एसोसिएशन की बैठक और वीसी दरबार में मामला पुलिस थाने पहुंच गया है। वीसी प्रो. बिजेंद्र कुमार पूनिया ने इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार किया है। महिला प्रोफेसर ने कहा कि एक दिन पहले सड़क पर खड़ी डायरेक्टर की गाड़ी टच हुई थी। इस पर फैकल्टी की बैठक भी हो गई, जबकि छह वर्ष के दौरान मेरी 20 से अधिक शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
दिनभर चला बैठकों का दौर, रात को केस दर्ज
मंगलवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे एमडीयू के यूआईईटी में हंगामा हो गया। निदेशक को उनके कार्यालय में विभाग की महिला प्रोफेसर ने थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद करीब 30 मिनट तक वहां हंगामा चला। बाद में दोनों शिक्षक कार्यालय से चले गए। यह मामला एमडीयू टीचिंग एंपलाइज एसोसिएशन तक पहुुंचा। एसोसिएशन ने मामले में बैठक कर विवाद पर चर्चा की। यहां निदेशक के साथ उभरे विवाद के अलावा पहले के मामलों पर भी विचार किया गया। इसमें जनसंपर्क विभाग के एक प्रोफेसर को थप्पड़ मारने और एक अन्य के साथ कहासुनी का मामला शामिल है। एसोसिएशन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विवि कुलपति से मुलाकात कर उनके समक्ष मामला रखा। वीसी दरबार में महिला प्रोफेसर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का फैसला हुआ। इसके बाद निदेशक ने पीजीआईएमएस थाने में लिखित शिकायत दी।
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पुराने मामले में चार्जशीट है शिक्षिका
यूआईईटी की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विजय दांगी पहले भी शिक्षक से झगड़ चुकी हैं। उन्होंने विवि के जनसंपर्क विभाग के एक प्रोफेसर के मुंह पर 11 दिसंबर को तमाचा जड़ा था। इस मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई थी। कमेटी मामले की जांच कर रही है।

प्रोफेसर ने दी जान से मारने की धमकी
यूआईईटी निदेशक कार्यालय में मंगलवार सुबह डॉ. विजय दांगी पहुंचीं। आते ही कहा, तू यहां का सबसे बड़ा गुंडा। इस पर शिक्षिका को टोका तो उसने मुझ पर टेबल फेंक मारी। इस बीच कार्यालय के कर्मचारी भी वहां पहुंच गए। कर्मचारियों ने उसे रोकने का प्रयास किया। उसने पेपर उठाकर मेरी ओर फेंकने का प्रयास किया। इस दौरान एक महिला कर्मचारी ने उसका हाथ पकड़ लिया। शिक्षिका ने मुझे व मेरे परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए अपशब्द भी कहे। ऐसा शिक्षिका ने क्यों किया, यह वही बता सकती हैं। मौके पर मौजूद स्टाफ और वीडियो घटना के गवाह हैं। यही नहीं सोमवार को मेरी कार को टक्कर दे मारी। कैंपस में घर के बाहर खड़ी कार की लाइटें टूट गईं। इस मामले में पुलिस को शिकायत दे दी है। पुलिस ने देर रात डॉ. राहुल ऋषि की शिकायत पर डॉ. विजय दांगी के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। - डॉ. राहुल ऋषि, निदेशक, यूआईईटी

छह साल में दी 20 से ज्यादा शिकायतें, नहीं हुई कार्रवाई
यहां साहब की गाड़ी टच हो जाए तो मीटिंग हो जाती है। मेरी सुनवाई नहीं हो रही है, इसके लिए कोई नहीं बोलता है। पिछले छह साल में 20 से ज्यादा शिकायत दे चुकी हूं। इनमें से किसी भी कार्रवाई नहीं हुई है। ये फाइलें दबाई हुई हैं। इसी वजह से मैंने नौकरी से रिजाइन भी दे दिया था। मुझे लाइफ की धमकी दी गई। यही नहीं अक्तूबर में मुझे कक्षा से अनुपस्थित दिखाया गया है। जबकि इस दौरान कक्षा में रही। यह शिकायत रोकी हुई है। यही नहीं ड्यूटी करने के बाद विवि ने मेरा वेतन रोक लिया। अब तक यह फाइल भी घूम रही है। मैं कक्षा में नहीं आई तो विवि सबूत के साथ मुझे अनुपस्थित दिखाए। विद्यार्थी भी डिवाइड नहीं किए गए। यहां पर्सनल अटैक होते हैं। वे बताएं दिक्कत क्या है। वेतन कटना है तो दो से ढाई महीने का कटना चाहिए। क्योंकि विभाग के ही पत्र इतने समय के लिए मुझे अनुपस्थित दिखा रहे हैं। यहां जिसकी लाठी, उसी की भैंस वाला कानून चलता है। सरकारी नियम कानून नहीं। मेरे घर का मामला भी अरसे से लटका हुआ है। विवि इस पर भी कोई जवाब नहीं दे रहा है।
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-डॉ. विजय दांगी, असिस्टेंट प्रोफेसर, यूआईईटी

यूआईईटी निदेशक से अभद्रता का मामला सामने आया है। एसोसिएशन ने इस विवाद को लेकर मीटिंग की है। शिक्षिका ने निदेशक पर टेबल पलटी और पेपर वेट फेंककर मारने का प्रयास किया। सोमवार को उनकी कार में टक्कर मारी थी। उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी है। इस मामले की शिकायत पुलिस में दे दी गई है।
-डॉ. विकास सिवाच, अध्यक्ष, शिक्षक कर्मचारी संघ, एमडीयू
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