नगर निगम, एमडीयू व हेल्थ विश्वविद्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा, होनी चाहिए सीबीआई जांच
- प्रदेश के मुख्यमंत्री यदि इमानदार तो प्रशासन भ्रष्ट कैसे : कांता
- नगर निगम पर आरटीआई का जवाब न देने का आरोप
फोटो साहित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
महिला नेत्री कांता आलडिया ने नगर निगम, एमडीयू व हेल्थ विश्वविद्यालय को भ्रष्टाचार का अड्डा बताते हुए इनकी जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। सूबे की सरकार पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यदि वह ईमानदार हैं तो प्रशासन भ्रष्ट कैसे हैं। भाजपा सरकार स्वच्छता अभियान के नाम पर जनता का करोड़ों रुपया साफ कर रही है।
यह आरोप महिला नेत्री ने बुधवार को एक निजी होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में लगाए हैं। कांता ने कहा कि नगर निगम में केवल एक ठेकेदार है। उसे ही रोहतक और जींद आदि के ठेके मिलते हैं, क्योंकि उनके अलावा कोई ठेकेदार प्रदेश में है ही नहीं। शहर में चार करोड़ रुपये में सफाई हो रही है, इसमें तीन करोड़ रुपये का घपला हो रहा है। नेता से लेकर अफसर तक इस भ्रष्टाचार में शामिल हैं। कांता ने सी एम पर सवाल उठाते हुए कहा यदि वह ईमानदार हैं तो लूट कैसे हो रही है।
उन्होंने आरटीआई से जानकारी मांगी लेकिन कई महीने बाद भी जवाब नहीं मिल रहा है। इसके अलावा एमडीयू पर सवाल उठाते हुए कहा कि यहां राजनीति का अखाड़ा चल रहा है। यहां सालों से कार्य कर रहे कर्मचारियों की संपत्ति का ब्यौरा मिलना चाहिए कि पहले उनकी क्या संपत्ति थी और अब क्या है। यहां के कर्मचारी यहां उत्तर पुस्तिका घोटाले के बारे में बताए, इस पर सभी ने चुप्पी साधी हुई है। संस्थान में होनहार फेल हो रहे हैं और नालायक मेरिट में आ रहे हैं। सभागार में भी विवि की मर्जी चल रही है, वह इसकी बुकिंग में किससे कितना पैसा वसूल रहे हैं। इसकी लिस्ट जारी होनी चाहिए। टेंडरों पर सवाल उठाते हुए कहा कांग्रेस के बाद भाजपा के शासन काल में खुले आम लूट हो रही है। पीजीआईएमएस में भी घोटाला हो रहा है। यहां सरकारी नौकरी तो दूर प्राइवेट नौकरी में भी गड़बड़ी हो रही है। यहां मंत्री के कारिंदे गुर्गे बन कर बैठे हैं। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि प्रदेश में नौकरी चाहे सरकारी हो या प्राइवेट इसमें आरक्षण पालिसी लागू होनी चाहिए। सरकारी नौकरी में सरकार बैक लाग पूरा नहीं करती और निजी क्षेत्र में ठेकेदार अपनी मनमर्जी चलाते हैं।
बयान..
पारदर्शिता जमाना है। कोई भी व्यक्ति आरटीआई में जानकारी ले सकता है। सभी कार्य मेरिट व नियमानुसार आवंटित किए जाते हैं। यदि किसी के पास कोई पुख्ता सबूत है तो वह रजिस्ट्रार या मुझसे आ कर मिल सकता है।
वी के पुनिया कुलपति महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक।
बयान..
पहले की अपेक्षा अब नगर निगम का दायरा बढ़ गया है। तीन विधानसभा क्षेत्र व उसके गांव की सफाई की जाती है। स्मार्ट सिटी में शामिल होने की दौड़ स्वच्छता अभियान भी चलाया जा रहा है। ई-टेंडरिंग सिस्टम है। कोई भी ठेकेदार आवेदन कर सकता है।
रेणु डाबला मेयर नगर निगम रोहतक।