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गोवंश के साथ-साथ अब तस्करों ने भेड़-बकरियों की तस्करी को बनाया कमाई का जरिया

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रोहतक। गोवंश के साथ-साथ अब तस्करों ने कड़ी सजा से बचने के लिए भेड़-बकरियों को भी तस्करी का जरिया बना लिया है। हरियाणा से लेकर वेस्ट यूपी, दिल्ली में पशुओं को ले जाया जा रहा है। पिछले चार माह में पुलिस 20 को पकड़ चुकी है। यहीं नहीं महम पुलिस द्वारा पकड़े गए दो आरोपियों ने भी पुलिस की पूछताछ में यह खुलासा किया है। पुलिस ने राजस्थान, हरियाणा के 10 से अधिक लोगों को चिह्नित किया है। इनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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प्रदेश में हरियाणा गोवंश संरक्षण एवं गोसंवर्धन कानून लागू होने के बाद तस्करों ने अपना धंधा चलाने के लिए गोवंश की तस्करी तो कम कर दी मगर अब अन्य पशुओं को तस्करी का जरिया बना लिया हे। वर्ष 2018 में गोवंश संरक्षण एवं गोसंवर्धन कानून के तहत 30 से अधिक केस दर्ज किए गए थे। पिछले चार माह में भेड़-बकरी और भैंस की तस्करी करने वाले 20 आरोपियों को पुलिस ने पकड़कर सलाखों के पीछे पहुंचाया है। हालांकि कुछ को थाने से ही जमानत मिल गई।
महम पुलिस ने 258 भेड़ों के साथ राजस्थान के दो तस्करों को पकड़ा। सूत्रों के अनुसार तस्करों ने खुलासा किया कि गोवंश तस्करों पर पुलिस की नजर होने के कारण अब तस्करों ने हरियाणा, दिल्ली और यूपी में भेड़, बकरी की तस्करी शुरू कर दी है। हरियाणा के रोहतक, सोनीपत, पानीपत, कुरुक्षेत्र, भिवानी के अलावा यूपी के मेरठ, बागपत मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर में भेड़-बकरियों को भेजा जाता है। पुलिस ने राजस्थान हरियाणा और यूपी के 20 लोगों को चिह्ति भी किया है। पूछताछ में पता चला है कि तस्कर पुलिस से बचने को जिन ट्रक और कैंटर में पशुओं को लेकर आते हैं उसके चारों ओर फलों की पेटियां रखते हैं।
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भेड़ बकरी और अन्य पशुओं की तस्करी करने वाले कई लोग चिह्नित किए गए है। हरियाणा के अलावा यूपी, दिल्ली में पशुओं को ले जाने का खुलासा हुआ है। सीआईए को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। जल्द ही गिरोह का पूरी तरह से भंड़ाफोड़ कर दिया जाएगा।
- जशनदीप सिंह रंधावा, एसपी , रोहतक

पशु क्रूरता अधिनियम में यह है सजा का प्रावधान
पशु क्रूरता अधिनियम में गोवंश की तस्करी पर लागू नहीं होता। गोवंश के अलावा अन्य पशु भैंस, बकरी, भेड़ की तस्करी करने पर इसके तहत कार्रवाई की जाती है। इस अधिनियम के तहत आरोपी को मौके पर ही जमानत मंजूर कर जाती है। सजा के तौर पर आरोपी पर 35 रुपये से लेकर 200 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है। इसी कारण अन्य पशुओं की तस्करी के मामले लगातार बढ़ रहे है।

हरियाणा गोवंश संरक्षण एवं गोसंवर्धन कानून में सजा
यदि कोई आरोपी गोवंश की तस्करी के मामले में पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ हरियाणा गोवंश संरक्षण एवं गोसंवर्धन अधिनियम 2015 के तहत केस दर्ज किया जाता है। इस कानून में आरोपी को दोषी करार दिए जाने पर उसे सात से दस साल तक की सजा हो सकती है। साथ ही यह अपराध गैर जमानती है।
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